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कितना खतरनाक है स्कीइंग? जिसने ली अनिल अग्रवाल के बेटे की जान, जानें एक्सपर्ट्स भी इसके नाम से क्यों कांपते हैं

How Dangerous Is Skiing: स्कीइंग बर्फीली ढलानों पर विशेष बोर्ड्स (स्कीज़) की मदद से तेज गति से फिसलने का खेल है। यह एड्रेनालिन रश देता है, लेकिन यही गति और अनियंत्रित ढलान इसे खतरनाक बनाते हैं।

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How dangerous is skiing

अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल का निधन

Anil Agarwal Son Agnivesh Dies: वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के इकलौते बेटे अग्निवेश अग्रवाल का निधन हो गया है। 49 वर्षीय अग्निवेश अमेरिका में स्कीइंग के दौरान हुए हादसे में घायल हो गए थे। इलाज के दौरान उन्हें अचानक कार्डियक अरेस्ट हुआ, जिससे उनकी जान चली गई। अनिल अग्रवाल ने इसे अपने जीवन का सबसे काला दिन बताया। इस दुखद घटना ने एक बार फिर स्कीइंग के खतरों पर बहस छेड़ दी है। क्या स्कीइंग वाकई दुनिया का सबसे खतरनाक खेल है? एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह रोमांचक तो है, लेकिन मौत का खतरा भी छिपा हुआ है।

अग्निवेश अग्रवाल की मौत, एक दुखद हादसा

अग्निवेश अग्रवाल वेदांता की सब्सिडियरी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड के चेयरमैन थे। वे अमेरिका के माउंट सिनाई हॉस्पिटल में रिकवर कर रहे थे, जब अचानक कार्डियक अरेस्ट ने उन्हें छीन लिया। अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर लिखा, "मेरा बेटा स्वस्थ था, सपनों से भरा हुआ। हम सोच रहे थे कि सबसे बुरा दौर गुजर गया, लेकिन किस्मत ने कुछ और लिखा था।" प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक व्यक्त किया। इससे पहले स्कीइंग में कई मशहूर हस्तियां जैसे अभिनेत्री नताशा रिचर्डसन और अभिनेता गैस्पर्ड उलिच की जान जा चुकी है।

स्कीइंग क्या है और क्यों है इतना रोमांचक?

स्कीइंग बर्फीली ढलानों पर विशेष बोर्ड्स (स्कीज़) की मदद से तेज गति से फिसलने का खेल है। यह एड्रेनालिन रश देता है, लेकिन यही गति और अनियंत्रित ढलान इसे खतरनाक बनाते हैं। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि बिना ट्रेनिंग के यह खेल जानलेवा साबित हो सकता है।

स्कीइंग के प्रमुख खतरे: एक्सपर्ट्स की राय

एल्टीट्यूट स्कूल स्विटजरलैंड और रेस्टोरकेयर हेल्थ जैसे संस्थानों के अनुसार, स्कीइंग में ये पांच बड़े खतरे हैं:

अत्यधिक गति: ढलान पर गति 50 से 100 किमी/घंटा तक पहुंच जाती है। नियंत्रण खोने पर पेड़ या चट्टान से टक्कर गंभीर चोट या मौत का कारण बनती है। हेलमेट भी हमेशा बचाव नहीं करता।

उबड़-खाबड़ ढलान: छिपी चट्टानें, गड्ढे और पिघली बर्फ का अंदाजा नहीं लग पाता। स्पीड पर टक्कर से सिर और आंतरिक अंगों को गंभीर नुकसान होता है।

हिमस्खलन (एवलांच): स्कीयर के वजन से बर्फ की परत खिसक सकती है। दम घुटने या दबने से मौत सबसे आम है। जापान जैसे इलाकों में ऐसे हादसे बार-बार होते हैं।

घुटनों और जोड़ों पर दबाव: पैर बोर्ड से बंधे होने से गिरने पर लिगामेंट फट जाते हैं। यह जीवनभर की विकलांगता का कारण बन सकता है।

ऊंचाई और मौसम: ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी से एल्टीट्यूड सिकनेस होती है। अचानक तूफान या बर्फीली हवाओं से हाइपोथर्मिया का खतरा रहता है।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ब्रेन इंजुरी सबसे आम है, उसके बाद घुटने और कंधे की चोटें। राष्ट्रमंडल कार्यालय की रिपोर्ट में 2012-2016 के बीच यूरोपीय रिसॉर्ट्स में 58 ब्रिटिश नागरिकों की मौत हुई।

क्या स्कीइंग सबसे खतरनाक खेल है?

कई स्टडीज में स्कीइंग को हाई-रिस्क बताया गया है, लेकिन मौत की दर अन्य खेलों से कम है। अमेरिकी स्टडी में बेस जंपिंग सबसे खतरनाक है। स्नोबोर्डिंग में अपर बॉडी इंजुरी ज्यादा होती है। फिर भी, हर साल लाखों इंजुरी होती हैं, खासकर शुरुआती लोगों में।

सावधानियां बरतें, तो सुरक्षित है स्कीइंग

एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं: हेलमेट पहनें, ट्रेनिंग लें, मौसम चेक करें और अकेले ऑफ-पिस्ट न जाएं। जितनी सावधानी, उतना मजा। अग्निवेश की मौत एक सबक है कि रोमांच के साथ जोखिम हमेशा रहता है।