सोमवार को तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने एक बेहद गंभीर एडवाइजरी जारी करते हुए सभी भारतीय नागरिकों को तुरंत ईरान छोड़ने के निर्देश दिए हैं।
India Foreign Ministry Advisory: ईरान और अमरीका के बीच युद्ध की बढ़ती आशंकाओं ने भारत की चिंता बढ़ा दी है। सोमवार को तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने एक बेहद गंभीर एडवाइजरी जारी करते हुए सभी भारतीय नागरिकों को तुरंत ईरान छोड़ने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले पोलैंड और सर्बिया ने भी अपने नागरिकों के लिए अलर्ट जारी किया था।
भारतीय दूतावास ने कहा है कि बदलते हालात के मद्देनजर, जो भी व्यावसायिक उड़ान या परिवहन का साधन मिले, उसका उपयोग कर नागरिक देश से बाहर निकल जाएं। इस बीच ईरान में तीसरे दिन भी पूरे देश में छात्रों का प्रदर्शन जारी रहा।
यह एडवाइजरी विशेष रूप से वहां पढ़ रहे छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों के लिए है। भारत सरकार ने नागरिकों से कहा है कि वे अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें और किसी भी जोखिम से बचें। दूतावास ने सभी भारतीयों को हर समय अपना पासपोर्ट, वीजा और पहचान पत्र साथ रखने को कहा है ताकि आपातकालीन निकासी में देरी न हो।
सरकार ने 14 जनवरी 2026 की उस चेतावनी को भी दोहराया है, जिसमें भीड़भाड़ वाले इलाकों और प्रदर्शनों से दूर रहने को कहा गया था। सभी भारतीयों को दूतावास के डेटाबेस में तुरंत रजिस्ट्रेशन कराने का अनुरोध किया गया है ताकि किसी भी सैन्य कार्रवाई की स्थिति में उनसे संपर्क किया जा सके।
ओमान पहुंचेंगे 'संकटमोचक' लारीजानी
ईरान के प्रमुख संकट प्रबंधक अली लारीजानी मंगलवार को मस्कट (ओमान) पहुंच सकते हैं। वे अपने साथ परमाणु समझौते पर तेहरान का अंतिम जवाब लेकर जा रहे हैं। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय ने फिलहाल इस यात्रा की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन इसे युद्ध रोकने का अंतिम प्रयास माना जा रहा है।
गौरतलब है कि तनाव के चरम के बीच शांति की एक आखिरी कोशिश भी जारी है। ओमान की मध्यस्थता में 26 फरवरी को जिनेवा में अमरीका और ईरान के बीच परमाणु वार्ता का अगला दौर होगा। ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल-बुसैदी ने इसकी पुष्टि की है। सबकी नजरें इस बैठक पर हैं कि क्या युद्ध टल पाएगा।