
सर्कल में बांग्लादेश के नए राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन और मोहम्मद यूनुस (सोर्स: आईएएनएस एक्स)
ढाका: बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने पूर्व मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि अगस्त 2024 से फरवरी 2026 के बीच यूनुस ने अपनी मनमानी की और संविधान के कायदे-कानूनों को ताक पर रख दिया। तारिक रहमान के नेतृत्व में नई सरकार बनने के बाद एक इंटरव्यू में राष्ट्रपति ने अपने डेढ़ साल के कड़वे अनुभवों को साझा किया।
राष्ट्रपति ने 22 अक्टूबर 2024 की घटना को भयानक रात करार दिया। उन्होंने बताया कि उस रात सुनियोजित तरीके से भीड़ जुटाई गई थी। भीड़ ने राष्ट्रपति आवास 'बंगभवन' को लूटने का प्रयास किया। स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि सेना की तैनाती के बाद ही मामला नियंत्रण में आया। तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने तब राष्ट्रपति को आश्वासन दिया था कि वे उनके साथ खड़े हैं।
शहाबुद्दीन ने खुलासा किया कि यूनुस सरकार ने उन्हें 'जड़ से उखाड़ फेंकने' की पूरी कोशिश की। उन्होंने बताया कि एक पूर्व मुख्य न्यायाधीश को लाकर उन्हें असंवैधानिक तरीके से हटाने का प्लान बनाया गया था। लेकिन कथित न्यायाधीश संविधान का उल्लंघन कर इसके लिए तैयार नहीं हुए। राष्ट्रपति के अनुसार, उन्हें प्रेस रिलीज तक जारी करने की अनुमति नहीं थी और उनके कतर व कोसोवो के विदेश दौरे भी रोक दिए गए थे।
संविधान और प्रोटोकॉल का उल्लंघन
शहाबुद्दीन ने कहा कि जिस अंतरिम सरकार के गठन की पहल उन्होंने की, उसी के मुखिया यूनुस ने उनसे समन्वय करना बंद कर दिया। संविधान के मुताबिक सरकार के मुखिया को विदेश यात्रा से लौटने के बाद राष्ट्रपति को ब्रीफ करना होता है, लेकिन यूनुस 14-15 यात्राओं के बाद कभी उनसे मिलने नहीं आए। अध्यादेश जारी करने में भी संवैधानिक प्रावधानों का पालन नहीं किया गया।
राष्ट्रपति ने बताया कि एक रात अचानक दुनिया भर के बांग्लादेशी उच्चायोगों और दूतावासों से उनकी तस्वीरें हटा दी गईं। यह उन्हें सत्ता से बेदखल करने जैसा कदम था। उन्होंने इस मामले में विदेश मंत्रालय को लिखित विरोध भी दर्ज कराया था।
कठिन समय में बीएनपी नेतृत्व और सेना राष्ट्रपति के साथ रही। शहाबुद्दीन ने तारिक रहमान की ईमानदारी की तारीफ करते हुए कहा कि बीएनपी ने संवैधानिक निरंतरता बनाए रखने में उनका 100% साथ दिया। सेना प्रमुखों ने भी स्पष्ट किया था कि राष्ट्रपति की हार का अर्थ पूरी सेना की हार होगी।
Published on:
24 Feb 2026 02:57 am
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