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बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस और एंटी-शिप मिसाइल का सफल परीक्षण, भारत चुनिंदा देशों के एलीट क्लब में शामिल

DRDO Missile Test: डीआरडीओ ने मल्टी-लेयर बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम और मध्यम दूरी की एंटी-शिप मिसाइल का सफल परीक्षण किया। इस उपलब्धि के साथ भारत उन्नत मिसाइल रक्षा क्षमता वाले चुनिंदा देशों के एलीट क्लब में शामिल हो गया, जिससे देश की वायु और समुद्री सुरक्षा और मजबूत हुई।
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Jun 13, 2026
Missile Attack
प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (फोटो- IANS)

DRDO boost India defence capabilities: रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ ) ने तीन महत्वपूर्ण मिसाइल परीक्षणों में सफलता हासिल कर भारत को विश्व के चुनिंदा देशों के एलीट क्लब में शामिल कर लिया है। डीआरडीओ ने मल्टी-लेयर बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम का सफल परीक्षण किया। इसमें 2000-5000 किमी रेंज वाली दुश्मन बैलिस्टिक मिसाइलों को एक्सो-एटमॉस्फियर और एंडो-एटमॉस्फियर दोनों स्तरों पर नष्ट करने की क्षमता साबित हुई। इसके अलावा, नेवल एंटी-शिप मिसाइल-मीडियम रेंज का पहला उड़ान परीक्षण भी सफल रहा। यह मिसाइल मध्यम दूरी पर दुश्मन जहाजों को निशाना बनाने में सक्षम है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ की इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि इससे भारत की वायु और समुद्री सुरक्षा क्षमता काफी मजबूत हुई है।

बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम

मल्टी-लेयर डिफेंस : एक्सो-एटमॉस्फियर (बाहर वायुमंडल) और एंडो-एटमॉस्फियर (भीतर वायुमंडल) दोनों स्तरों पर दुश्मन मिसाइलों को नष्ट करने की क्षमता।
रेंज: 2,000 से 5,000 किमी रेंज वाली बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर सकता है।
हिट-टू-किल टेक्नोलॉजी : दुश्मन मिसाइल से सीधा टकराकर उसे पूरी तरह नष्ट करता है।
नेटवर्क-सेंट्रीक सिस्टम : लंबी दूरी के रडार, सेंसर, लो-लेटेंसी कम्युनिकेशन और मिशन कंट्रोल सेंटर से जुड़ा उन्नत सिस्टम।

एंटी-शिप मिसाइल
रेंज: 150-350 किमी।
स्पीड: हाई सबसोनिक (लगभग मेक 0.9)।
ट्रैजेक्टरी: लो-ऑल्टीट्यूड सी स्कीमिंग- रडार से बचने के लिए समुद्र की सतह के बहुत करीब उड़ान।
वारहेड : 150 किलो उच्च विस्फोटक ले जाने की क्षमता।
प्लेटफॉर्म : मिग-29 के, टीइडीबीएफ, राफेल-एम फाइटर विमान, युद्धपोत और पनडुब्बी पर लॉन्च करने में सक्षम।
विशेषता : पॉप-अप मैन्यूवर, अंतिम क्षण में ऊपर उठकर जहाज के महत्वपूर्ण हिस्से को निशाना बनाता है।

DRDO ने क्या कहा?

डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन यानी DRDO की ओर से बताया गया कि इन ट्रायल्स में लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल के खतरों के खिलाफ भारत के मल्टी-लेयर्ड डिफेंस सिस्टम और मध्यम दूरी पर दुश्मन के नौसैनिक लक्ष्यों को निशाना बनाने की क्षमता का बखूबी प्रदर्शन किया गया।

DRDO के अनुसार, मल्टी-लेयर्ड बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस (BMD) सिस्टम ने टेस्ट के दौरान अपने तय लक्ष्यों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया। इंटरसेप्टर्स ने आने वाले बैलिस्टिक मिसाइल लक्ष्यों को रोका और नष्ट किया, जिससे उभरते और एडवांस्ड मिसाइल खतरों का मुकाबला करने के लिए विकसित की गई टेक्नोलॉजी की पुष्टि हुई।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, डीआरडीओ की ओर बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस को उच्च प्राथमिकता देने का कारण यह है कि पाकिस्तान फतेह-I, फतेह-II और चीनी मूल की P282 जैसी लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों का विकास कर रहा है।

भारत एलीट क्लब में शामिल

इन सफल परीक्षणों के साथ भारत उन गिने-चुने देशों में शामिल हो गया है, जिनके पास लंबी दूरी की और अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों (ICBM) सहित विभिन्न प्रकार के बैलिस्टिक मिसाइल खतरों का पता लगाने, उन्हें ट्रैक करने और हवा में ही निष्क्रिय करने की उन्नत क्षमता मौजूद है।

Updated on:
13 Jun 2026 01:15 am
Published on:
13 Jun 2026 01:14 am
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