SIPRI Report: शीतयुद्ध के दौर के हथियारों को धीरे-धीरे खत्म करने से दुनिया में कुल परमाणु हथियारों की संख्या भले ही कम हुई है, लेकिन ऑपरेशनल परमाणु हथियारों की संख्या हर वर्ष बढ़ती जा रही है।
SIPRI Report: शीतयुद्ध के दौर के हथियारों को धीरे-धीरे खत्म करने से दुनिया में कुल परमाणु हथियारों की संख्या भले ही कम हुई है, लेकिन ऑपरेशनल परमाणु हथियारों की संख्या हर वर्ष बढ़ती जा रही है। सोमवार को जारी स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिपरी) की रिपोर्ट के मुताबिक इस वक्त दुनिया में नौ देशों के पास 12,121 परमाणु बम हैं। इनमें 9585 सैन्य जखीरे में रखे गए हैं, जो ऑपरेशनल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक पहली बार भारत परमाणु हथियारों के मामले में पड़ोसी पाकिस्तान से आगे निकल गया। अब भारत के पास 172, जबकि पाकिस्तान के पास 170 परमाणु बम हैं।
भारत ने पिछले एक वर्ष में आठ नए परमाणु बनाए हैं, जबकि पाकिस्तान ने कोई बम नहीं बनाया। उधर, चीन लगातार अपनी परमाणु ताकत बढ़ा रहा है। एक वर्ष में ड्रेगन ने 90 परमाणु बम बना लिए। पिछले वर्ष उसके पास 410 परमाणु हथियार थे, जो अब 500 हो गए हैं। ये संख्या पेंटागन की ओर से अमरीकी कांग्रेस में दी गई रिपोर्ट से मेल खाती है। इसमें बताया गया था कि चीन के पास 500 से अधिक ऑपरेशनल परमाणु हथियार हैं, जो एक दशक में एक हजार से ऊपर हो सकती है। कभी लगभग 200 वॉरहेड रखने वाले चीन के पास 2027 तक 700 से अधिक वॉरहेड हो सकते हैं।
अमरीका और रूस ने सबसे ज्यादा परमाणु बमों को हाई अलर्ट पर रखा है, लेकिन चीन ने पहली बार 24 परमाणु बमों को हाई ऑपरेशनल अलर्ट पर रखा है। चीन ने यह कदम ऐसे समय पर उठाया है जब ताइवान को लेकर अमरीका के साथ उसका तनाव चरम पर पहुंचता दिख रहा है। भारत से सीमा पर चीन का तनाव अक्सर रहता ही है। सिपरी का अनुमान है कि 2030 तक चीन की ऑपरेशनल अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों की संख्या अमरीका और रूस के बराबर होगी।
रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि परमाणु हथियारों से लैस 9 देशों ने अपने परमाणु आयुध शस्त्रागार को आधुनिक बनाए रखने का सिलसिला जारी रखा और 2023 में कई नई परमाणु हथियार प्रणालियों को तैनात भी किया। दुनिया के कुल कुल परमाणु हथियारों का 90 फीसदी रूस और अमरीका के पास है। अनुमान है कि रूस ने जनवरी 2023 की तुलना में इस साल करीब 36 और ऑपरेशनल वारहेड्स और तैनात किए हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि निर्माणाधीन परमाणु हथियारों की संख्या भी बढ़ रही है। जनवरी में दुनियाभर में लगभग 12,121 परमाणु हथियारों में से लगभग 9,585 संभावित उपयोग के लिए सैन्य भंडार का हिस्सा थे। इनमें से लगभग 3,904 परमाणु हथियार मिसाइलों और लड़ाकू विमानों पर लगाए गए थे, जो पिछले साल से 60 फीसदी ज्यादा हैं।
सिपरी का कहना है कि मौजूदा ट्रेंड चिंताजनक है। भारत, पाकिस्तान और उत्तर कोरिया एक ही मिसाइल पर कई परमाणु बम तैनात करने की तकनीक पर काम कर रहे हैं। यह ठीक वैसे ही है जैसा अमरीका, रूस, ब्रिटेन और चीन ने किया। ये देश अब और ज्यादा लक्ष्यों को तबाह करने की धमकी देने की दिशा में बढ़ सकते हैं।
3904 परमाणु बम मिसाइलों और लड़ाकू विमानों में रखे गए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 60 ज्यादा है। 2100 परमाणु बम को मिसाइलों के अंदर हाई अलर्ट पर रखा गया है।
देश 2024 2023
अमरीका- 5044 5244
रूस 5580 5889
चीन 500 410
फ्रांस 290 290
ब्रिटेन 225 225
भारत 172 164
पाकिस्तान 170 170
इजरायल 90 90
उत्तर कोरिया 50 30