
India Mobile Phone Manufacturing: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरर और एक्सपोर्टर बन गया है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में लगातार हो रहे विकास से भारत वैश्विक सप्लाई चेन में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
गुजरात के सानंद में जनता को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- आज मुझे बहुत खुशी हो रही है क्योंकि 20 साल से भी ज्यादा समय पहले, शायद उससे भी पहले, मैंने गुजरात में सेमीकंडक्टर प्लांट लगाने की योजना बनाई थी।
उन्होंने कहा- हमने गांधीनगर और प्रांतिज के पास लगभग 350-400 एकड़ जमीन की पहचान की थी और कुछ कंपनियों के साथ बातचीत भी की थी। उस समय, भारत सरकार बड़े-बड़े ऐलान कर रही थी और कुछ कंपनियां बातचीत के लिए आगे भी आईं, लेकिन किसी वजह से मामला आगे नहीं बढ़ पाया।
पीएम मोदी ने कहा- आज जब मैं यह देखता हूं, तो मुझे लगता है कि मेरा 20-22 साल पुराना सपना आखिरकार सच हो गया है। उस समय देश में शायद ही कोई सेमीकंडक्टर के बारे में बात करता था और जब मैंने बात की, तो मीडिया में कई लोगों ने मेरा मजाक उड़ाया।
उन्होंने कहा- हालांकि तब ऐसा नहीं हो पाया, लेकिन अब जब यह सच हो गया है, तो मुझे बहुत संतुष्टि मिल रही है। कुछ हफ्ते पहले, भारत में बना एक विमान, वडोदरा में बना C295 भी अपनी पहली उड़ान पर गया था।
पीएम मोदी ने कहा- भारत में सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री का विस्तार, पिछले दशक में हुई इलेक्ट्रॉनिक्स क्रांति का अगला कदम है. इसी तरह, उन्होंने कहा- भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता और निर्यातक बन गया है। उन्होंने कहा- पहले प्रोडक्ट्स, फिर कंपोनेंट्स और अब सेमीकंडक्टर्स भारत पूरी इलेक्ट्रॉनिक्स वैल्यू चेन बना रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- एक समय था जब भारत में साइकिल बनाने वाली कंपनी के आने पर भी हम जश्न मनाते थे। आज, यहां हवाई जहाज बनाने वाली कंपनियां आ रही हैं।
उन्होंने कहा- अगर हम दुनिया के औद्योगिक इतिहास को देखें, तो एक बात साफ है- कोई भी ग्लोबल इंडस्ट्रियल पावर केवल एक फैक्ट्री के दम पर नहीं बनी है। औद्योगिक मजबूती की नींव क्लस्टर में होती है।
पीएम मोदी ने कहा- अमेरिका की सिलिकॉन वैली, ताइवान का ह्सिनचू साइंस पार्क और जापान का सिलिकॉन आइलैंड और त्सुकुबा साइंस सिटी - ये सभी औद्योगिक क्लस्टर की अहमियत को दिखाते हैं।
उन्होंने कहा- सानंद भी अब इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। आने वाले महीनों में, माइक्रोन, केन्स और सीजी सेमी यहां प्रोडक्शन शुरू करेंगे। इसका मतलब है कि देश में एक सेमीकंडक्टर क्लस्टर आकार ले रहा है और आज यहां चिप पैकेजिंग का काम पहले से ही हो रहा है।