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JPSC-JSSC फर्जीवाड़ा केस: TDPL के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी की पत्नी और भाई गिरफ्तार

JPSC-JSSC फर्जीवाड़ा केस में झारखंड CID की बड़ी कार्रवाई, TDPL मैनेजर अभय तिवारी की पत्नी और भाई गिरफ्तार, परीक्षा में अनुचित लाभ लेने का आरोप। पढ़ें पूरी खबर।
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Sanjeev Mukhia Jharkhand, JPSC scam, Jharkhand student protest

झारखंड पेपर लीक का मास्टरमाइंड अभय तिवारी | फोटो सोर्स-X(@Abhishek_ _SP)

झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित फर्जीवाड़े की जांच कर रही CID टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने परीक्षा एजेंसी टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी की पत्नी और सगे भाई को गिरफ्तार किया है। अभय तिवारी को सीआईडी इस मामले में पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है और वह फिलहाल जेल में है।

अभय तिवारी की पत्नी और भाई पर झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) तथा झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) परीक्षा में कथित तौर पर अनुचित साधनों का इस्तेमाल कर सफलता हासिल करने का आरोप है।
CID टीम को मामले की जांच के दौरान इस मामले में कई अहम डिजिटल व अन्य सबूत हाथ लगे हैं। जिसमें दोनों आरोपियों की भूमिका संदिग्ध है।

अभय तिवारी ने अपने रुतबे का किया इस्तेमाल

CID की जांच में यह बात सामने आई है कि अभय तिवारी ने अपने प्रभाव और नेटवर्क का इस्तेमाल अपने भाई और पत्नी को परीक्षा में लाभ पहुंचाने के लिए किया। जांच एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, अभय तिवारी से पूछताछ और उसके पास से जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के डेटा के विश्लेषण के बाद उसकी पत्नी और भाई की भूमिका सामने आई। इसके आधार पर दोनों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

फर्जीवाड़े के तह तक जाने में जुटी पुलिस

सीआईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित परीक्षा फर्जीवाड़े के इस नेटवर्क से और कितने अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ मिला। जांच एजेंसी डिजिटल उपकरणों से मिले डेटा, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है। अभय तिवारी ने पूछताछ के दौरान कथित तौर पर परीक्षा से पहले प्रश्न और उत्तर उपलब्ध कराए जाने का दावा किया था। सीआईडी इस दावे से जुड़े तथ्यों और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।गिरफ्तार दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच एजेंसी आवश्यकता के अनुसार उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ भी कर सकती है।