
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद CJP की केंद्र सरकार को चेतावनी (फोटो - Saurav Das/एक्स)
Saurav Das CJP Supreme Court FIR: छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से देशभर में छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR की सूची मांगी, ताकि उन पर एक साथ कार्रवाई की जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के वकील ने सूची उपलब्ध कराने पर सहमति नहीं जताई।
सौरव दास ने कहा कि अगर सरकार ने 25 जुलाई को किए गए अपने वादों को पूरा करने की दिशा में तुरंत ठोस कदम नहीं उठाए, तो CJP अगले दो दिनों में अपनी नेशनल वर्किंग कमेटी की बैठक बुलाएगी। इसमें देशव्यापी आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी।
सौरव दास के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार से छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR की सूची मांगी। उनका दावा है कि कोर्ट ने यह जानकारी एक नहीं बल्कि तीन बार मांगी।
CJP का आरोप है कि केंद्र सरकार के वकील ने सूची उपलब्ध कराने पर प्रतिबद्धता जताने के बजाय इसका विरोध किया। दास ने सवाल उठाया कि अगर सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने का भरोसा दिया था तो फिर सभी मामलों की सूची देने में आपत्ति क्यों है।
सौरव दास ने कहा कि 25 जुलाई को CJP ने देशव्यापी आंदोलन सद्भावना के साथ वापस लिया था। उनके मुताबिक, उस समय केंद्र सरकार की ओर से FIR वापस लेने, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई से सुरक्षा देने और प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने को लेकर आश्वासन दिया गया था।
CJP का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के सामने अब FIR की एक संयुक्त सूची उपलब्ध कराने का रास्ता सामने आया है, जिससे सरकार के लिए अपने वादे पूरे करना आसान हो सकता है।
दास के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को एक विकल्प भी दिया। अगर किसी FIR में ऐसे लोगों के खिलाफ गंभीर अपराधों के आरोप हैं, जिनका पहले से गंभीर आपराधिक इतिहास रहा है तो सरकार ऐसे मामलों की अलग सूची दे सकती है। CJP के बयान के मुताबिक, ऐसे मामलों पर उनकी परिस्थितियों और आरोपों के आधार पर अलग से कार्रवाई की जा सकती है।
CJP प्रवक्ता ने सवाल उठाया कि क्या केंद्र सरकार वास्तव में 25 जुलाई को किए गए अपने आश्वासन को पूरा करना चाहती है या फिर ये वादे केवल आंदोलन खत्म कराने के लिए किए गए थे। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं, छात्रों और Gen-Z को यह जानने का अधिकार है कि सरकार अपने वादे पूरे करेगी या नहीं।
सौरव दास ने कहा कि CJP ने अब तक धैर्य रखा है और सरकार के साथ बातचीत में भरोसा बनाए रखा। उन्होंने कहा कि संगठन ने सद्भावना के साथ अपना आंदोलन वापस लिया और सरकार को अपने वादे पूरे करने के लिए पर्याप्त समय दिया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “धैर्य को कमजोरी न समझें। अच्छी नीयत को कमजोरी न समझें।”
CJP ने कहा है कि अगर सरकार ने 25 जुलाई के आश्वासनों को लागू करने की दिशा में तुरंत ठोस कदम नहीं उठाए, तो अगले दो दिनों में नेशनल वर्किंग कमेटी की बैठक बुलाई जाएगी। इसके बाद देशव्यापी आंदोलन को लेकर अगला फैसला लिया जाएगा।
Updated on:
18 Aug 2026 09:09 pm
Published on:
18 Aug 2026 09:09 pm
