
चीन और पाकिस्तान को जवाब देने के लिए भारत ने नई रणनीति अपनाई है। दिलचस्प बात यह है कि चीन ने 2015 में सीमा पर भारत को घेरने के लिए जो मॉडल अपनाया था, भारत भी अब उसी रास्ते पर है।
भारतीय सेना अब पुरानी व्यवस्था को तोड़कर पूरी तरह नई तैयारी कर रही है। तीनों सेनाओं- थलसेना, नौसेना और वायुसेना को एक कमांडर के अधीन लाकर लड़ाई लड़ने का बड़ा प्लान तैयार किया गया है। यह बदलाव आजादी के बाद सबसे बड़ा सैन्य सुधार माना जा रहा है।
जनरल एन एस राजा सुब्रमणि, जो देश के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ हैं, इस महीने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को अंतिम प्रस्ताव सौंपने वाले हैं। अगर मंजूरी मिल गई तो दुश्मनों के खिलाफ भारत की जवाबी कार्रवाई अब पहले से कहीं तेज और एकजुट हो जाएगी।
थिएट्राइजेशन का मतलब है किसी एक इलाके में थल, जल और वायु सेना को एक ही कमांडर के हाथ में देना। अभी तीनों सेनाएं अलग-अलग काम करती हैं, जिससे समय बर्बाद होता है और कॉर्डिनेशन की भी कमी रहती है। नया सिस्टम इस गैप को खत्म कर देगा।
एक कमांडर पूरे इलाके की जिम्मेदारी संभालेगा और जरूरत पड़ते ही तुरंत फैसला ले सकेगा। यह प्लान 2022 से चल रहा है। पहले सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने अपना अंतिम ड्राफ्ट तैयार किया था। अब जनरल सुब्रमणि इसे आगे बढ़ा रहे हैं।
नए प्लान के मुताबिक देश में तीन थिएटर कमांड बनाए जाएंगे। नॉर्दर्न थिएटर कमांड का हेडक्वार्टर लखनऊ में होगा, जो सिर्फ चीन पर नजर रखेगा।
वेस्टर्न थिएटर कमांड जयपुर में बसेगा और पाकिस्तान को टारगेट करेगा। इसके अलावा, मेरिटाइम थिएटर कमांड तिरुवनंतपुरम में होगा, जो हिंद महासागर की सुरक्षा संभालेगा।
चीन ने 2015 में ऐसा ही सिस्टम बना लिया था। भारत अब उसी रास्ते पर चल रहा है ताकि सीमा पर कोई भी खतरा हो तो जवाब फौरन मिले, न कि विभागों के बीच फाइल घूमने में समय लगे।
बताया जा रहा है कि लड़ाई शुरू होते ही थिएटर कमांडर सीधे रक्षा मंत्री को रिपोर्ट करेंगे। तीनों सेना प्रमुखों (चीफ) का काम बदल जाएगा। वे अब ट्रेनिंग और हथियार-उपकरण की सप्लाई पर फोकस करेंगे। ऑपरेशनल कंट्रोल थिएटर कमांडरों के पास चला जाएगा।