
Indus Waters Treaty: राजनीतिक दलों के नेताओं ने सिंधु जल संधि (IWT) को लेकर इस्लामाबाद की "धमकी" पर कड़ी प्रतिक्रिया और चेतावनी दी कि अगर पाकिस्तान ने "कोई भी गलत हरकत की, तो उसे दुनिया के नक्शे से मिटा दिया जाएगा।" ये प्रतिक्रियाएं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की उस "सीधी धमकी" के बाद आईं, जिसमें उन्होंने कहा था कि देश पानी के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेगा, क्योंकि यह देश की 'रेड लाइन' है।
भारत का रुख रहा है कि सिंधु जल संधि तब तक ठंडे बस्ते में रहेगी, जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को पूरी तरह से बंद नहीं कर देता। इस मामले पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, "भारत सख्ती से अपने राष्ट्रीय हित में काम करता है। दुनिया में चाहे कितनी भी ताकत हो, पाकिस्तान की क्या हैसियत है? हम अपने हित में काम करते हैं और मजबूती से अपने हितों की रक्षा करते हैं।"
पाकिस्तान की आलोचना करते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने कहा, "शायद शहबाज शरीफ भूल गए हैं कि पिछले साल 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पाकिस्तान की क्या हालत हो गई थी, किस तरह उनके (आतंकवादी) इंफ्रास्ट्रक्चर और एयरपोर्ट्स को तबाह कर दिया गया था। अगर उन्होंने कोई भी गलत हरकत की, तो पाकिस्तान हमेशा के लिए दुनिया के नक्शे से मिट जाएगा।"
इसी तरह की बात कहते हुए कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा, "भारत ने IWT को ठंडे बस्ते में क्यों रखा है, इसके पीछे एक वजह है। जिस तरह से पाकिस्तान की तरफ से आतंकवादी गतिविधियां चलाई जा रही हैं और कश्मीर में हालिया हमलों में बेगुनाह लोगों की जान गई है, उसे देखते हुए भारत के लिए पाकिस्तान के साथ संबंध बनाए रखना बहुत मुश्किल है।"
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा, "'ऑपरेशन सिंदूर' में आपने देखा होगा कि कैसे हमारी भारतीय सशस्त्र सेनाओं ने उन्हें हर तरह की लाइन दिखाई- लाल, पीली, नीली।"
उन्होंने कहा, "इसलिए, भारत को पाकिस्तान की किसी भी बात पर गंभीरता से विचार नहीं करना चाहिए। भारत में उनकी हर हरकत का हजार गुना ज्यादा ताकत के साथ मुंहतोड़ जवाब देने की क्षमता है। इस मामले पर पूरा देश भारत सरकार और भारतीय सशस्त्र सेनाओं के साथ मजबूती से खड़ा है।"