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India-US Pax Silica: क्या है पैक्स सिलिका, भारत के लिए कितना लाभप्रद?

Pax Silica AI Security: एआइ में बढ़ते चीनी दबदबे से निपटने के लिए पिछले साल अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की सरकार ने पैक्स सिलिका ग्रुप बनाने का निर्णय लिया था।

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Feb 21, 2026
इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026: भारत ने US के नेतृत्व वाले पैक्स सिलिका कोएलिशन में शामिल होने के लिए फॉर्मल तौर पर एग्रीमेंट पर साइन किया है। (सोर्स: ANI)

India-US Pax Silica: सेमीकंडक्टर, रेयर अर्थ मिनिरल्स और एआइ में बढ़ते चीनी दबदबे से निपटने के लिए पिछले साल अमेरिकी राष्ट्र्रपति डॉनल्ड ट्रंप की सरकार ने पैक्स सिलिका ग्रुप बनाने का निर्णय लिया था। दिसंबर में इसका पहला कार्यक्रम हुआ था। भारत समेत इस 11 देश अब तक इस पैक्स सिलिका में शामिल हो चुके हैं। इनमें अमेरिका के साथ, साउथ कोरिया, जापान, ग्रीस, कतर, यूएई, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, सिंगापुर, इजरायल प्रमुख हैं। ताइवान, नीदरलैंड, कनाडा भी इसमें भागीदार के रूप में जुड़े हैं।

अमेरिकी विदेश विभाग की इस पहल का उद्देश्य एआइ तकनीक का सुरक्षित विकास, क्रिटिकल मिनरल्स व लॉजिस्टिक्स की सप्लाई चेन को मजबूत व भरोसेमंद बनाना और सहयोगी देशों के बीच आर्थिक सुरक्षा बढ़ाना है।

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तकनीक आधारित अर्थव्यवस्था खड़ी करने में मिलेगी मदद

पैक्स सिलिका में शामिल होने से भारत को कई लाभ बताए जा रहे हैं। क्रिटिकल मिनरल्स के मामले में भारत की चीन पर निर्भरता इससे कम होगी। देश में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में संभावनाएं बढ़ेंगी। नई तकनीक तक पहुंच और सुलभ होगी। भारतीय इंजीनियरिंग प्रतिभा को के लिए अवसर बढ़ेंगे। एआइ रिसर्च और इनोवेशन का इकोसिस्टम भी मजबूत होगा। जिससे भारत में तकनीक आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

पैक्स सिलिका के घोषणा पत्र में क्या है?

इसके घोषणा पत्र में कहा गया है कि हम निवेश सुरक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रोत्साहनों पर साझा प्रयासों से आर्थिक साझेदारी को गहरा करेंगे। वैश्विक तकनीकी सप्लाई चेन के रणनीतिक हिस्सों पर साझेदारी को प्रोत्साहित करेंगे। इसमें सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन प्लेटफॉर्म, सूचना कनेक्टिविटी व नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर, सेमीकंडक्टर एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स,मिनरल रिफाइनिंग व प्रोसेसिंग व ऊर्जा सहयोग शामिल है।

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Published on:
21 Feb 2026 04:10 am
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