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भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर रार…अब जनता के दरबार में भिड़ेंगे कांग्रेस व भाजपा नेता

India-US Trade Deal: कांग्रेस ने भारत-यूएस ट्रेड डील के खिलाफ राष्ट्रव्यापी जनसंपर्क और आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है।

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भारत

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Saurabh Mall

Feb 21, 2026

India-US Trade Deal

भारत-अमेरिका ट्रेड डील (सोर्स: चैट GPT, AI जनरेटेड इमेज)

India-US Trade Deal Update: भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर संसद में शुरू हुई रार के बाद अब विपक्षी दल कांग्रेस व भाजपा के नेता जनता के दरबार में भिड़ेंगे। कांग्रेस ने जहां 24 फरवरी को भोपाल से देशव्यापी अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। वहीं विपक्ष की ओर से ट्रेड डील के दुष्प्रचार को रोकने के लिए केन्द्र सरकार के मंत्री मैदान में उतर गए हैं। कांग्रेस ट्रेड डील के बहाने कृषि प्रधान राज्यों में किसानों को लामबद्ध करने की कोशिश में हैं तो भाजपा अब विपक्ष के नैरेटिव के काउंटर में जुट गई है। भाजपा के शीर्ष नेताओं ने इसकी कमान संभाली है।

भोपाल से शुरू होगा कांग्रेस का अभियान-

कांग्रेस ने भारत-यूएस ट्रेड डील के खिलाफ राष्ट्रव्यापी जनसंपर्क और आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। शुक्रवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पार्टी महासचिवों, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र के कांग्रेस अध्यक्षों और कांग्रेस विधायक दल के नेताओं के साथ बैठक की। बैठक में खरगे ने कहा कि यह ट्रेड डील न होकर ‘ट्रैप डील’ थी, जिसमें मोदी सरकार ने किसानों के हितों से समझौता किया है। कांग्रेस ‘किसान सम्मेलन’ आयोजित कर इस मुद्दे को गांव-गांव तक ले जाएगी।

महासचिव जयराम रमेश ने बताया कि 24 फरवरी को भोपाल से किसान सम्मेलनों की श्रृ़ंखला प्रारंभ करेंगे, जिन्हें खरगे और राहुल गांधी संबोधित करेंगे। इसके बाद दूसरा 7 मार्च को महाराष्ट्र के यवतमाल में किसान सम्मेलन होगा। तीसरा सम्मेलन राजस्थान के श्रीगंगानगर में होगा।

भाजपा ने बनाई रणनीति, सरकार के काम गिनाएंगे-

भाजपा ने भारत-यूएस ट्रेड डील को लेकर विपक्ष के दावे को खारिज करने की तैयारी की है। भाजपा को अंदेशा है कि दुष्प्रचार के जरिए कांग्रेस किसानों को फिर से एकजुट करने की कोशिश में है, ऐसे में सही बातें जनता तक पहुंचानी जरूरी हैं। इसलिए भाजपा ने पार्टी नेताओं को यूपीए और मोदी सरकार के दौर में किसानों के लिए किए कार्यों की लिस्ट बताने को कहा है। रैलियों में इस तथ्य पर भी जोर दिया जा रहा है कि पिछली सरकार में कृषि बजट मात्र 26 हज़ार करोड़ रूपए था जिसे मोदी सरकार ने बढ़ाकर 1 लाख 29 हज़ार करोड़ रूपए कर दिया है।

गृहमंत्री अमित शाह राज्यों के दौरे में मुखर होकर बता रहे हैं कि यूएस के साथ ट्रेड डील में किसानों, मछुआरों, पशुपालकों के हितों को मोदी सरकार ने पूरी तरह सुरक्षित रखा है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल व कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित अन्य नेता विपक्ष के दावे को खारिज करने में जुटे हैं। गृहमंत्री शाह ने कांग्रेस पर ट्रेड डील को लेकर झूठ फैलाने का आरोप लगाया। गृहमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने डंकल प्रस्ताव पर साइन कर किसानों को असुरक्षित किया था।