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मुंबई में रुबियो के दौरे के बीच अमेरिकी राजदूत गोर बोले, “नतीजे लाओ”, 240 से 500 अरब डॉलर के पार ट्रेड का लक्ष्य

मुंबई में 'फ्रीडम 250' रिसेप्शन के दौरान अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार 240 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर है और अगले 3 साल में 500 अरब डॉलर पार करने का लक्ष्य है।
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Oct 20, 2026
India America Partnership
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भारत से व्यापार के तय किए लक्ष्य , Photo Source@ANI

india US Trade: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो दूसरी बार भारत दौरे पर मंगलवार को मुंबई पहुंचे। मुंबई में रुबियो ​विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए। मुंबई में आयोजित 'फ्रीडम 250' रिसेप्शन में, भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि,'अमेरिकी स्वतंत्रता के 250 साल पूरे होने का जश्न मनाते हुए, आप सभी के बीच यहां होना मेरे लिए बड़े सौभाग्य की बात है। इस महत्वपूर्ण पड़ाव को मनाने के लिए भारत की आर्थिक और सांस्कृतिक राजधानी से बेहतर कोई जगह नहीं हो सकती। इस हॉल में मौजूद लोगों को देखकर, मुझे यहां ऐसे नेता, इनोवेटर और जोखिम उठाने वाले लोग दिखाई दे रहे हैं, जो हमारे दोनों देशों को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी ऊर्जा और पूंजी प्रदान करते हैं।

ट्रंप ने दिए भविष्य की योजना के निर्देश

जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मुझे भारत भेजा, तो उन्होंने मुझे स्पष्ट निर्देश दिया था - सिर्फ भविष्य की बातें मत करो, बल्कि नतीजे लाओ और उसे सच करके दिखाओ। हाल ही में हुई बातचीत में, राष्ट्रपति ट्रम्प और प्रधानमंत्री मोदी ने इस प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया। आज, हमारा द्विपक्षीय व्यापार सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए 240 अरब डॉलर के पार पहुंच गया है। और हमारा एक बड़ा लक्ष्य है: हम पूरी तरह से इस बात पर केंद्रित हैं कि अगले 3 वर्षों में यह आंकड़ा 500 अरब डॉलर के पार पहुंच जाए।

हमारे सामने व्यापार के असीम अवसर हैं - सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा, रक्षा और निश्चित रूप से, सुपर इंटेलिजेंस। अमेरिका-भारत की साझेदारी एक सीधी रेखा में नहीं चलती, बल्कि यह लगातार ऊपर की ओर बढ़ती है। इसकी शुरुआत समुद्र की गहराइयों में मौजूद महत्वपूर्ण डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर से होती है। यह हमारी फैक्ट्रियों, प्रयोगशालाओं और रिसर्च केंद्रों से होते हुए आगे बढ़ती है। और कमर्शियल एक्सप्लोरेशन (व्यापारिक खोज) के जरिए यह गहरे अंतरिक्ष तक पहुंच जाती है। हमारे गठबंधन का सफर कुछ ऐसा ही है - जो अपनी मजबूत नींव पर टिका है, रिकॉर्ड गति से ऊपर की ओर बढ़ रहा है और सीधे सितारों की ओर अग्रसर है। हमारे संस्थापकों द्वारा स्वतंत्रता की घोषणा किए जाने के 250 साल बाद भी, अमेरिका लगातार निर्माण कर रहा है, नेतृत्व कर रहा है और जीत हासिल कर रहा है।"

मुंबई में 500 से ज्यादा अमेरिकी कंपनियां कार्यरत

खूबसूरत मुंबई में 500 से ज्यादा बड़ी अमेरिकी कंपनियां काम कर रही हैं। इनमें गूगल, मेटा और आईबीएम जैसी टेक दिग्गज कंपनियां; प्रॉक्टर एंड गैंबल और जॉनसन एंड जॉनसन जैसे जाने-माने नाम; फाइजर, एबॉट और मर्क जैसी फार्मास्युटिकल कंपनियां; और सिटी, बैंक ऑफ अमेरिका तथा जेपी मॉर्गन चेस जैसे दुनिया के प्रमुख वित्तीय संस्थान शामिल हैं। मुंबई स्टॉक एक्सचेंज में, भारतीय इक्विटी में निवेश की गई विदेशी पूंजी का सबसे बड़ा हिस्सा अमेरिकी संस्थागत निवेशकों का है। यह कोई संयोग नहीं है। यह भारत की आर्थिक प्रगति पर उनके गहरे भरोसे को दर्शाता है। इनमें से कुछ भी अचानक नहीं हुआ है, और न ही यह सब रातों-रात खड़ा हो गया है।

Updated on:
20 Oct 2026 08:48 pm
Published on:
20 Oct 2026 08:14 pm