Rainfall: मौसम विभाग ने 10 और 11 फरवरी को उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी दी है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में तेज हवाएं चलने की संभावना है।
Western Disturbance: देश में मौसम करवट ले रहा है। फरवरी का महीना अपने दूसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है, लेकिन मौसम का नाटक अभी खत्म नहीं हुआ है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ( IMD Alert) ने देश के कई हिस्सों में मौसम बदलने (Weather Forecast)की चेतावनी जारी की है। IMD के ताजा बुलेटिन के अनुसार, एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से 10 और 11 फरवरी को पहाड़ी इलाकों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक मौसम में भारी बदलाव दिखाई देगा ।
मौसम विभाग के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी होने की संभावना है। वहीं, इन राज्यों के निचले इलाकों में तेज बारिश हो सकती है। पहाड़ों पर हो रही इस हलचल का सीधा असर मैदानी इलाकों पर पड़ेगा। ठंडी हवाएं एक बार फिर से लोगों को सिहरन का अहसास करा सकती हैं।
IMD ने विशेष रूप से उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के लिए अलर्ट जारी किया है। इसके तहत 10 और 11 फरवरी को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तरी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। दिल्ली-NCR में भी आसमान में बादल छाए रहेंगे और कुछ इलाकों में बूंदाबांदी हो सकती है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।
मौसम विभाग ने पहाड़ों पर हो रही हलचल का असर मैदानी इलाकों में साफ दिखाई देगा। IMD ने निम्नलिखित राज्यों के लिए चेतावनी जारी की है:
पंजाब और हरियाणा: 10 फरवरी की रात से लेकर 11 फरवरी तक यहाँ कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की प्रबल संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
दिल्ली-NCR: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उससे सटे नोएडा, गुरुग्राम में 10 फरवरी की शाम और 11 फरवरी को आसमान में बादल छाए रहेंगे। हल्की बूंदाबांदी से तापमान में गिरावट आ सकती है।
उत्तर प्रदेश: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों (जैसे मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर) में 11 फरवरी को बारिश का अनुमान है। पूर्वी यूपी में मौसम शुष्क रहने की संभावना है, लेकिन ठंडी हवाएं चल सकती हैं।
राजस्थान: उत्तरी और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों (जैसे श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, अलवर) में 10 और 11 फरवरी को हल्की बारिश और धूल भरी आंधी चलने के आसार हैं।
मध्य भारत पर असर पश्चिमी विक्षोभ का असर मध्य भारत तक भी पहुँच सकता है।
मध्य प्रदेश: राज्य के उत्तरी जिलों (ग्वालियर-चंबल संभाग) में 11 फरवरी को कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।
विदर्भ और छत्तीसगढ़: यहाँ भी बादलों की आवाजाही बनी रहेगी, जिससे दिन के तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है।
IMD ने विशेष रूप से पंजाब, उत्तरी हरियाणा और उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि (Hailstorm) की चेतावनी दी है। 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का भी अनुमान है। यह स्थिति रबी की फसलों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है।
सिर्फ उत्तर भारत ही नहीं, बल्कि मध्य भारत के कुछ हिस्से जैसे मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के उत्तरी भागों में भी बेमौसम बारिश हो सकती है। विदर्भ और मराठवाड़ा के कुछ इलाकों में भी बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अरब सागर से आ रही नमी और पश्चिमी विक्षोभ का संगम इस बारिश का मुख्य कारण है।
मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) होने की भी चेतावनी दी है। यह खबर किसानों के लिए चिंता का विषय है। इस समय खेतों में रबी की फसलें (जैसे गेहूं और सरसों) पकने के कगार पर हैं या फूल आने की अवस्था में हैं। ऐसे में तेज बारिश और ओले फसलों को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे सिंचाई रोक दें और कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें।