
बाबा वेंगा। ( फोटो: पत्रिका)
Currency Extinction: साल 2026 का दूसरा महीना चल रहा है और दुनिया की नजरें एक बार फिर बुल्गारिया की मशहूर भविष्यवक्ता बाबा वेंगा (Baba Vanga) की डरावनी भविष्यवाणियों पर टिक गई हैं। अपनी मृत्यु से दशकों पहले ही दुनिया के भविष्य का खाका खींचने वाली बाबा वेंगा ने साल 2026 के लिए एक ऐसी चेतावनी दी थी, जो अब सच होती दिख रही है। उनकी भविष्यवाणी के मुताबिक, यह साल वैश्विक अर्थव्यवस्था (Global Economy) के लिए बेहद उथल-पुथल भरा साबित हो सकता है। दावा किया जा रहा है कि दुनिया उस दौर की तरफ बढ़ रही है जहां कागज की मुद्रा (Paper Currency) का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।
बाबा वेंगा की भविष्यवाणियों का विश्लेषण करने वाले जानकारों का दावा है कि उन्होंने संकेत दिया था कि 2026 में अमेरिकी डॉलर या पारंपरिक कागजी मुद्रा अपनी चमक खो देगी। भविष्यवाणी के अनुसार, "कागज का पैसा खत्म हो जाएगा और उसकी जगह डिजिटल या इलेक्ट्रॉनिक मुद्रा ले लेगी।" वर्तमान में जिस तरह से दुनिया भर के केंद्रीय बैंक (Central Banks) अपनी डिजिटल करेंसी (CBDC) ला रहे हैं और क्रिप्टोकरेंसी का चलन बढ़ा है, उसे देख कर बाबा वेंगा के अनुयायी इस भविष्यवाणी को सच मान रहे हैं।
इस भविष्यवाणी का एक और चौंकाने वाला पहलू 'धातुओं' (Metals) से जुड़ा हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बाबा वेंगा ने कहा था कि जब कागजी मुद्रा गिरेगी, तो उद्योग जगत में तांबे (Copper) और सोने जैसी धातुओं का महत्व अचानक बढ़ जाएगा। इसे "औद्योगिक क्रांति का नया चरण" भी माना जा रहा है। 2026 में ग्रीन एनर्जी और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) इंडस्ट्री में तांबे की भारी मांग को देखते हुए यह बात काफी हद तक तार्किक भी लगती है। भविष्यवाणी में कहा गया है कि जो देश या लोग इन संसाधनों पर पकड़ बनाएंगे, वही दुनिया पर राज करेंगे।
बाबा वेंगा बुल्गारिया की एक दृष्टिहीन महिला थीं, जिनका निधन 1996 में हो गया था। उन्हें 'बाल्कन का नास्त्रेदमस' कहा जाता है। उनके समर्थकों का दावा है कि 9/11 का आतंकी हमला, ब्रेक्जिट और राजकुमारी डायना की मौत जैसी घटनाएं उन्होंने पहले ही देख ली थीं। उनकी भविष्यवाणियां कहीं लिखित नहीं हैं, बल्कि उनके अनुयायियों द्वारा मौखिक रूप से आगे बढ़ाई गई हैं, इसलिए इनकी सटीकता पर हमेशा बहस होती रहती है।
ट्विटर (X) और टिकटॉक पर #BabaVanga2026 ट्रेंड कर रहा है। लोग बढ़ती महंगाई और शेयर बाजार की अस्थिरता को इस भविष्यवाणी से जोड़कर देख रहे हैं।
छोटे निवेशक इस बात से चिंतित हैं कि क्या उन्हें अपनी सेविंग्स कैश (नकद) में रखनी चाहिए या गोल्ड में निवेश करना चाहिए। हालांकि, आर्थिक विशेषज्ञ इसे सिर्फ एक अंधविश्वास मान रहे हैं और पैनिक न करने की सलाह दे रहे हैं।
आने वाले दिनों में बिटकॉइन और अन्य डिजिटल मुद्राओं के भाव में उतार-चढ़ाव देखने लायक होगा। अगर अमेरिकी अर्थव्यवस्था में कोई बड़ी गिरावट आती है, तो बाबा वेंगा की चर्चा और तेज होगी।
कमोडिटी मार्केट (Commodity Market) पर नजर रखनी होगी। क्या सच में तांबे और सोने के दाम आसमान छूते हैं? यह देखना दिलचस्प होगा कि 2026 के अंत तक वैश्विक बाजार किस करवट बैठता है।
तर्कशास्त्री (Rationalists) इसे भविष्यवाणी के बजाय 'आर्थिक चक्र' (Economic Cycle) का हिस्सा मानते हैं। उनका तर्क है कि दुनिया वैसे भी 'कैशलेस इकोनॉमी' की तरफ बढ़ रही है। यूपीआई (UPI) और क्रेडिट कार्ड का बढ़ता इस्तेमाल इसका सबूत है। ऐसे में यह कहना कि "कागज का नोट खत्म हो जाएगा", कोई चमत्कार नहीं बल्कि तकनीकी विकास का स्वाभाविक परिणाम है। बाबा वेंगा के नाम का इस्तेमाल अक्सर सामान्य घटनाओं को रहस्यमयी बनाने के लिए किया जाता है।
Published on:
09 Feb 2026 04:26 pm
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