Disturbance: देश में सर्दी कहर बरपा रही है। जनवरी के आखिर और फरवरी की शुरुआत का मौसम कड़ाके की ठंड और बारिश के नाम रहने वाला है। 27 और 28 जनवरी को पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से दिल्ली, यूपी और पंजाब सहित 11 राज्यों में बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का येलो अलर्ट है। […]
Disturbance: देश में सर्दी कहर बरपा रही है। जनवरी के आखिर और फरवरी की शुरुआत का मौसम कड़ाके की ठंड और बारिश के नाम रहने वाला है। 27 और 28 जनवरी को पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से दिल्ली, यूपी और पंजाब सहित 11 राज्यों में बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का येलो अलर्ट है। इसके बाद 29 और 30 जनवरी को बारिश थमते ही बर्फीली उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलेंगी, जिससे तापमान में भारी गिरावट आएगी और तराई वाले इलाकों में 'बेहद घना कोहरा' छा जाएगा। इधर 31 जनवरी और 1 फरवरी को पहाड़ों पर एक और नया विक्षोभ दस्तक देगा, जिससे कश्मीर से उत्तराखंड तक भारी बर्फबारी होगी और मैदानी इलाकों में शीतलहर (Cold Wave) का प्रकोप फरवरी के पहले हफ्ते तक बना रहेगा। उत्तर भारत में जनवरी का आखिरी हफ्ता मौसम के लिहाज से बहुत भारी रहने वाला है (India Weather Update 2026)। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार एक नया और शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) हिमालयी क्षेत्रों में दस्तक दे चुका है। इसका सीधा असर दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा के मैदानी इलाकों में देखने को मिलेगा। अगले 24 से 48 घंटों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है, जहां बारिश (IMD Yellow Alert Rain)और तेज हवाएं ठिठुरन और बढ़ा देंगी।
मौसम विभाग ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और राजस्थान सहित कुल 11 राज्यों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। 26 और 27 जनवरी को इन इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है। इतना ही नहीं, बादलों की गर्जना के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सर्द हवाएं चलेंगी। यह स्थिति न केवल तापमान को गिराएगी, बल्कि खुले में काम करने वाले लोगों और किसानों के लिए भी चुनौतियां पैदा कर सकती है।
मैदानी इलाकों में जहाँ बारिश का दौर रहेगा, वहीं ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों जैसे कि कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बर्फबारी (Heavy Snowfall) का दौर जारी है। पहाड़ों पर हो रही इस बर्फबारी का सीधा असर उत्तर भारत की ठंडी हवाओं पर पड़ेगा। जैसे ही बारिश थमेगी, पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाएं मैदानी राज्यों में 'कोल्ड वेव' (शीतलहर) की स्थिति पैदा कर देंगी, जिससे न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है।
उत्तर प्रदेश, बिहार और पंजाब के तराई वाले क्षेत्रों में सुबह के वक्त घना कोहरा (Dense Fog) छाए रहने का अनुमान है। कोहरे के कारण सड़कों पर दृश्यता (Visibility) काफी कम रह सकती है, जिससे यातायात और रेल सेवाओं पर असर पड़ना तय है। मौसम विभाग ने वाहन चालकों को सलाह दी है कि वे सुबह के समय फाग लाइट का उपयोग करें और गति सीमा का विशेष ध्यान रखें।
विशेषज्ञों के अनुसार, 28 जनवरी के बाद पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव कम होने लगेगा, लेकिन असली ठंड इसके बाद शुरू होगी। आसमान साफ होते ही उत्तर-पश्चिमी हवाएं सक्रिय हो जाएंगी, जिससे रात के तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की और कमी आ सकती है। यानी जनवरी के अंत और फरवरी की शुरुआत में लोगों को कड़ाके की सर्दी का एक और दौर झेलना होगा।
बदलते मौसम को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों और बुजुर्गों को खास सावधानी बरतने को कहा है। बारिश और ठंडी हवाओं के मिलन से 'विंटर फ्लू' और सांस संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी तैयार फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें और सिंचाई के दौरान मौसम के पूर्वानुमान का ध्यान रखें।
बहरहाल,यह सप्ताह घर के अंदर रहने और गर्म कपड़े साथ रखने का है। पहाड़ों की बर्फबारी और मैदानों की बारिश मिल कर उत्तर भारत को एक बार फिर 'कोल्ड चैम्बर' बना सकते हैं।