Britain Fighter Pilot Training: दिल्ली में आयोजित 19वीं 'इंडिया-यूके एयर स्टाफ टॉक्स' के बाद ऐतिहासिक समझौते पर लगी मुहर के तहत भारतीय वायुसेना के 'क्वालिफाइड फ्लाइट इंस्ट्रक्टर' ब्रिटेन के 'आरएएफ वैली' बेस पर ब्रिटिश पायलटों को फाइटर जेट उड़ाने की ट्रेनिंग देंगे।
United Kingdom Fighter Pilot Training: दशकों तक जिस रॉयल एयरफोर्स (आरएएफ) की परंपराओं से दुनिया ने बहुत कुछ सीखा, अब उसी के आंगन में भारतीय वायुसेना (आइएएफ) के प्रशिक्षक अपनी महारत का लोहा मनवाएंगे। दिल्ली में आयोजित 19वीं 'इंडिया-यूके एयर स्टाफ टॉक्स' के बाद ऐतिहासिक समझौते पर लगी मुहर के तहत भारतीय वायुसेना के 'क्वालिफाइड फ्लाइट इंस्ट्रक्टर' ब्रिटेन के 'आरएएफ वैली' बेस पर ब्रिटिश पायलटों को फाइटर जेट उड़ाने की ट्रेनिंग देंगे। यह पहला मौका है जब भारतीय उड़ान प्रशिक्षक ब्रिटेन के भविष्य के लड़ाकू पायलटों को फाइटर जेट उड़ाने की बारीकियां सिखाएंगे। वायु सेना और अन्य देशों के बीच सामान्य ट्रेनिंग साझेदारी या एक्सचेंज प्रोग्राम पहले भी रहा है, लेकिन फास्ट-जेट लड़ाकू ट्रेनिंग देने जैसा यह पहला मामला है, खासकर ब्रिटिश पायलटों को सीधे प्रशिक्षित करने वाला।
फिलहाल, दो साल तक तीन भारतीय प्रशिक्षक इस मिशन पर तैनात रहेंगे। वे भारतीय वायुसेना के कमांड में रहते हुए ब्रिटिश कमांडरों के साथ मिलकर काम करेंगे। भारतीय प्रशिक्षक ब्रिटेन के बीएई हॉक टी2 या टेक्सन टी1 विमानों पर ट्रेनिंग देंगे। दिलचस्प बात यह है कि भारत भी 'हॉक' विमानों का उपयोग अपने मुख्य एडवांस जेट ट्रेनर के रूप में करता है, जिसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) लाइसेंस के तहत भारत में ही बनाती है।
वर्तमान में भारतीय सेना के अधिकारी ब्रिटेन की तीनों प्रतिष्ठित सैन्य अकादमियों में प्रशिक्षक के रूप में तैनात हैं…
नौसेना: मई 2024 से 'ब्रिटानिया रॉयल नेवल कॉलेज डार्टमाउथ' में भारतीय नौसेना अधिकारी तैनात।
थल सेना: मई 2025 से 'रॉयल मिलिट्री एकेडमी सैंडहर्स्ट' में भारतीय सेना के अधिकारी अपनी सेवा दे रहे हैं।
वायुसेना: अब 'आरएएफ वैली' में भारतीय वायुसेना के प्रशिक्षक इस कड़ी को पूरा करेंगे।
पिछले कुछ सालों में सैन्य सहयोग ने रफ्तार पकड़ी है। 2023 में भारतीय वायुसेना ने ब्रिटेन के 'कोबरा वॉरियर' अभ्यास में पहली बार हिस्सा लिया, तो 2024 में रॉयल एयरफोर्स ने भारत के 'तरंग शक्ति' युद्धाभ्यास में अपना दम दिखाया। इसके अलावा बीते साल दोनों देशों के 'कैरियर स्ट्राइक ग्रुप्स' ने अब तक का सबसे बड़ा समुद्री अभ्यास भी किया।