ऑयल इंडिया लिमिटेड को लीबिया में तेल और गैस का नया भंडार मिला है। वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच यह खोज कंपनी की विदेशी संपत्तियों और भविष्य की आय को मजबूत करेगी, साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की ऊर्जा क्षेत्र में पकड़ को और सशक्त बनाएगी।
Oil and Gas Discovery in Libya: मिडिल ईस्ट क्राइसिस और ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच भारत के लिए बहुत जरुरी और अच्छी खबर सामने आई है। भारत की सार्वजनिक क्षेत्र की महारत्न कंपनी Oil India Limited को विदेश में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। कंपनी ने लीबिया में तेल और गैस का नया भंडार खोजा है, जिससे न सिर्फ उसकी अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी मजबूत होगी, बल्कि भविष्य में कमाई के नए रास्ते भी खुल सकते हैं। यह खोज ऐसे समय में सामने आई है, जब दुनिया भर में ऊर्जा संकट की चिंता बढ़ रही है। स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज में तनाव के कारण तेल की सप्लाई पर असर पड़ा है। इसका असर सीधे कीमतों पर दिखा और Brent Crude Oil 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है।
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कंपनी ने जानकारी दी कि यह खोज लीबिया के एरिया 95/96 ब्लॉक में हुई है। यह इलाका घडामेस बेसिन का हिस्सा है, जिसे तेल और गैस के लिहाज से काफी संभावनाशील माना जाता है। इस प्रोजेक्ट में ऑयल इंडिया की 25 फीसदी हिस्सेदारी है और यह एक भारतीय कंसोर्टियम के तहत काम कर रही है, जिसमें Indian Oil Corporation Limited भी शामिल है। इस ब्लॉक में कुल 8 कुएं खोदने की योजना है। पहले पांच कुओं की ड्रिलिंग हो चुकी थी, जिनमें से चार में पहले ही तेल और गैस के संकेत मिल चुके थे। अब छठे कुएं (A1-96/02) की ड्रिलिंग के दौरान फिर से हाइड्रोकार्बन मिला है, जो इस क्षेत्र की क्षमता को और मजबूत करता है।
लीबिया की National Oil Corporation ने इस खोज को आधिकारिक तौर पर मान्यता दे दी है। अब अगला कदम होगा, इस भंडार का विस्तृत मूल्यांकन। इससे यह तय होगा कि यहां से कितना उत्पादन संभव है और कब तक इसे व्यावसायिक रूप से शुरू किया जा सकता है। यह खोज ऑयल इंडिया के लिए कई मायनों में खास है। इससे इंडियन ऑयल कंपनियों की विदेशी संपत्तियों की वैल्यू बढ़ेगी। साथ ही भविष्य में उत्पादन से आय बढ़ सकती है। इसके अलावा कंपनी की ग्लोबल उपस्थिति मजबूत होगी। यह सफलता भारत की ऊर्जा सुरक्षा और कंपनियों की अंतरराष्ट्रीय पहचान के लिहाज से एक मजबूत कदम है।