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Indian Railway: अब झट से बुक होगा रेलवे टिकट, कैंसिल होते ही तुरंत मिलेगा रिफंड

Indian Railway: रेलवे का कहना है कि नए सिस्टम के जरिए टिकट कैंसिल करान पर रिफंड जल्द मिलेगा, टिकट बुकिंग पहले से तेज होगी
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Updated: 8 May 2026, 2:52 AM IST
Indian Railway Update
भारतीय रेलवे (सोर्स: ANI)

Indian Railway Update: भारतीय रेलवे अब अपनी टिकटिंग व्यवस्था में बड़ा तकनीकी बदलाव करने जा रही है। रेलवे अगस्त 2026 से अपनी 40 साल पुरानी पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम यानी पीआरएस को नए और आधुनिक सिस्टम में शिफ्ट करेगी। रेलवे का कहना है कि नए सिस्टम के जरिए टिकट कैंसिल करान पर रिफंड जल्द मिलेगा, टिकट बुकिंग पहले से तेज होगी, सर्वर पर दबाव कम होगा और यात्रियों को रियल टाइम जानकारी ज्यादा सटीक तरीके से मिलेगी। रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि इस बदलाव के दौरान यात्रियों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए और टिकटिंग सेवाएं बिना रुकावट जारी रहनी चाहिए।

दरअसल, 1986 में शुरू हुई पीआरएस में पिछले 40 साल में कई छोटे बदलाव किए गए। वर्ष 2002 में भारतीय रेलवे ने टिकटिंग में इंटरनेट का प्रयोग शुरू किया। लेकिन अब इसमें आमूलचूल परिवर्तन किया गया है। अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर इसके क्षमता का विस्तार किया गया है

रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि आज देश में 88 फीसदी टिकटें ऑनलाइन बुक होती हैं। वहीं रेलवे के ऐप पर वेटिंग टिकट के कंफर्म होने के अनुमान की सटीकता एआइ से की जा रही है। यह पहले के 53 फीसदी से बढ़कर अब 94 फीसदी तक पहुंच गई है। इस ऐप के माध्यम से देशभर में 9.29 लाख टिकटें बुक हो रही हैं।

नए सिस्टम में क्या-क्या बदलाव

  1. रिफंड : अभी रिफंड आने में 2 से 7 दिन का समय लगता है। नए पीआरएस में पेमेंट गेटवे के साथ बेहतरतालमेल होगा, जिससे टिकट कैंसिल होते ही रिफंड की प्रक्रिया तुरंत शुरू हो जाएगी।
  2. वेटिंग का अनुमान: नए सिस्टम में एआइ और डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल होगा। यह यात्रियों को वेटिंग लिस्ट कंफर्म होने के चांस की सटीक जानकारी देगा। इसके अलावा भीड़ वाले रूट्स पर स्पेशल ट्रेनें चलाने के लिए रेलवे को डेटा भी देगा।
  3. वर्तमान सिस्टम एक मिनट में करीब 25,000 टिकट बुक करने की क्षमता रखता है। नए सिस्टम में इसे बढ़ाकर 1.25 लाख टिकट प्रति मिनट करने का लक्ष्य है। एक साथ 4 लाख से ज्यादा यूजर बिना रुकावट के वेबसाइट पर लॉग-इन कर सकेंगे।
  4. वर्चुअल स्टेशन: नए सिस्टम में 'वर्चुअल स्टेशन’ बनाए जाएंगे। इससे उन छोटे स्टेशनों के बीच भी टिकट बुक करना आसान होगा जहां ट्रेन का स्टॉपेज तो है, लेकिन टिकट नहीं मिल पाती थी।
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8 May 2026, 2:52 AM IST
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