भारतीय जहाजॉं को होर्मुज स्ट्रेट से निकलने से नहीं रोका जाएगा। भारतीय सरकार ने भी गैस के मामले पर अफवाहें न फैलाने के लिए कहा है।
अमेरिका (United States Of America) और इज़रायल (Israel) का ईरान (Iran) के खिलाफ चल रहे युद्ध का आज 14वां दिन है और फिलहाल इस बारे में कुछ भी नहीं कहा जा सकता कि युद्धविराम कब होगा। दोनों पक्षों की तरफ से हमले जारी हैं। इस युद्ध से मिडिल ईस्ट में तो जान-माल का नुकसान हो ही रहा है, साथ ही दुनियाभर में कई देशों में तेल और गैस का संकट भी पैदा हो गया है, क्योंकि दुनियाभर का करीब 20-30% तेल होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से होकर गुज़रता है, जिस पर ईरान का कब्ज़ा है। हालांकि इस मामले में ईरान ने भारत (India) को राहत दी है।
ईरान ने भारतीय जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से निकलने के लिए ग्रीन सिग्नल दे दिया है। ऐसे में गुरुवार को तेल से भरे दो जहाज मुंबई पहुंच गए। जल्द ही अन्य जहाज़ों के भी होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते भारत आने की संभावना है।
भारतीय विदेश मंत्री एस.जयशंकर (S. Jaishankar) ने इस बारे में ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) से बात की। इसके बाद ईरान की तरफ से साफ कर दिया गया कि भारतीय जहाज़ों को होर्मुज स्ट्रेट से गुज़रने से नहीं रोका जाएगा। ऐसे में जल्द ही होर्मुज स्ट्रेट में फंसे गैस और तेल से लदे जहाजों का फिर से भारत आना शुरू हो जाएगा।
मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के चलते भारत के कई शहरों में एलपीजी संकट पैदा हो गया है, जिसके चलते लोगों में चिंता बढ़ गई है। कई बड़े शहरों में कई रेस्टोरेंट, ढाबों और होटलों के बंद होने की खबरें हैं। घरेलू गैस के लिए भी कई जगह कतारें लगी हैं, लेकिन केंद्र सरकार ने संसद में कहा है कि इस बारे में अफवाहें नहीं फैलाई जाएं। सरकार ने दावा किया कि गैस की आपूर्ति ठीक बनी हुई है और घरेलू गैस आपूर्ति को प्राथमिकता दी गई है। अब होर्मुज स्ट्रेट से भारतीय जहाजों को गुज़रने की अनुमति मिलने के बाद जल्द ही देश में गैस का संकट खत्म हो सकता है।