Indian students US: सदन में सरकार ने यह भी बताया कि जून-जुलाई 2025 के दौरान भारतीय छात्रों को जारी किए गए F-1 वीजा में 69% की भारी गिरावट आई।
Indian students in US Decline: संसद में सरकार ने जानकारी दी है कि अमेरिका में पढ़ने जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में बीते एक साल में करीब 7% की गिरावट दर्ज की गई है। अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग के स्टूडेंट एंड एक्सचेंज विजिटर इंफॉर्मेशन सिस्टम (SEVIS) के आंकड़ों के मुताबिक फरवरी 2025 में भारतीय छात्रों की संख्या 3,78,787 थी, जो कि फरवरी 2026 में 6.9 प्रतिशत की कमी के साथ 3,52,644 रह गई। यह गिरावट प्राइमरी एजुकेशन से लेकर पीएचडी तक के सभी कार्यक्रमों में देखी गई है।
राज्य सभा में लिखित जवाब देते हुए विदेश राज्य मंत्री किर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि इस गिरावट की मुख्य वजह अमेरिका द्वारा वीजा प्रक्रिया में बढ़ाई गई सख्ती है। नए नियमों के तहत छात्र वीजा आवेदकों की गहन जांच की जा रही है, जिसमें उनके सोशल मीडिया और ऑनलाइन गतिविधियों की भी जांच शामिल है।
सदन में सरकार ने यह भी बताया कि जून-जुलाई 2025 के दौरान भारतीय छात्रों को जारी किए गए F-1 वीजा में 69% की भारी गिरावट आई। आंकड़ों के अनुसार, 2022 में 62,229, 2023 में 72,027 और 2024 में घटकर 41,336 वीजा जारी किए गए।
हालांकि, सरकार ने माना कि वीजा नीति बनाना अमेरिका का अधिकार है, लेकिन भारत सरकार लगातार अमेरिकी अधिकारियों के साथ भारतीय छात्रों की समस्याओं को उठा रही है। साथ ही छात्रों और पेशेवरों के लिए सुरक्षित और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
मंत्री ने कहा कि नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास ने कहा था कि छात्र वीजा मिलने का मतलब यह नहीं है कि छात्र को अमेरिका में लगातार रहने की गारंटी मिल गई है।
उन्होंने कहा कि ऐसे उल्लंघनों में बिना सूचना दिए पढ़ाई छोड़ना, छोटे कानूनी उल्लंघन जैसे बिना लाइसेंस गाड़ी चलाना या ट्रैफिक नियम तोड़ना, नशे की हालत में गाड़ी चलाना (DUI/DWI), वीजा अवधि से अधिक रुकना, या वीजा की शर्तों के विपरीत गतिविधियों में शामिल होना शामिल हो सकता है।
बता दें कि अमेरिका ने पहले ही साफ कर दिया था कि वीज़ा अधिकार नहीं, बल्कि एक विशेषाधिकार है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि नियमों का उल्लंघन वीजा रद्द होने और डिपोर्टेशन का कारण बन सकता है।