मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच इंडिगो एयरलाइंस ने ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। यात्रियों को फ्लाइट स्टेटस चेक करने की सलाह दी गई है, क्योंकि शेड्यूल में बदलाव संभव है। कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें जारी हैं, लेकिन सुरक्षा हालात के अनुसार बदलाव हो सकते हैं।
Indigo Advisory: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर अब हवाई यात्राओं पर भी साफ दिखने लगा है। इसी बीच इंडिगो एयरलाइंस ने यात्रियों के लिए एक अहम ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। कंपनी ने साफ शब्दों में कहा है कि हालात तेजी से बदल रहे हैं, इसलिए उड़ानों के समय में बदलाव हो सकता है। ऐसे में यात्रियों को एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक कर लेना चाहिए। इंडिगो ने यह जानकारी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर की। कंपनी ने भरोसा दिलाया कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा उनके लिए सबसे ऊपर है। यही वजह है कि उनकी टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और समय-समय पर अपडेट भी दे रही हैं।
दरअसल, मध्य पूर्व में इन दिनों माहौल काफी तनावपूर्ण है। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते टकराव और अमेरिका की भूमिका ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। इसके चलते कई देशों के एयरस्पेस पर असर पड़ा है। कुछ जगहों पर उड़ानों पर रोक लगी है तो कहीं रूट बदलने पड़ रहे हैं। इसका सीधा असर एयरलाइंस के शेड्यूल पर पड़ रहा है। फिर भी इंडिगो ने 1 अप्रैल के लिए अपनी कई उड़ानों को संचालित करने की पुष्टि की है। ताजा शेड्यूल में मुंबई से मदीना और जेद्दा, दिल्ली से अबू धाबी और कोच्चि से मस्कट जैसी उड़ानें शामिल हैं। इसके अलावा हैदराबाद और बेंगलुरु से भी कुछ सेवाएं जारी हैं। कुल मिलाकर करीब 30 से ज्यादा उड़ानें दोनों दिशाओं में ऑपरेट की जा रही हैं। हालांकि कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि ये सभी उड़ानें मौजूदा सुरक्षा नियमों और हालात को ध्यान में रखकर ही चलाई जा रही हैं। यानी स्थिति के अनुसार इनमें बदलाव भी संभव है।
गौर करने वाली बात यह है कि फरवरी के अंत से ही इस क्षेत्र में संघर्ष तेज हुआ है, जिसके बाद से कई एयरलाइंस को अपनी सेवाओं में कटौती करनी पड़ी है। कुछ ने तो कतर और कुवैत जैसे गंतव्यों की उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी हैं। इंडिगो ने भी कुछ रूट्स पर सेवाएं कम की हैं, लेकिन सऊदी अरब और यूएई के प्रमुख शहरों के लिए उड़ानें जारी रखी हैं। इस पूरे घटनाक्रम का असर सिर्फ शेड्यूल तक सीमित नहीं है। ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं, बीमा महंगा हो रहा है और लंबा रूट लेने की वजह से ऑपरेशन लागत भी बढ़ गई है।