
Om Birla(Image-ANI)
लोकसभा अध्यक्ष Om Birla ने हाल ही में आयोजित ‘माटी 9’ महोत्सव के अवसर पर भारतीय संस्कृति और परंपराओं की महत्ता पर गहन विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि “हमारी मिट्टी की खुशबू ही हमारी पहचान को परिभाषित करती है,” और इस विचार के माध्यम से उन्होंने युवाओं को अपनी जड़ों से जुड़े रहने का संदेश दिया। आज के वैश्विक युग में, जब अवसरों की सीमाएँ तेजी से विस्तारित हो रही हैं, ऐसे सांस्कृतिक उत्सव युवाओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
यह महोत्सव पूर्वांचल की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, लोक परंपराओं और सामाजिक मूल्यों का उत्सव है। बिरला ने अपने संबोधन में कहा कि पूर्वांचल की “माटी” केवल भौतिक मिट्टी नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की परंपराओं, संघर्षशीलता, और जीवंत सामाजिक ताने-बाने का प्रतीक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्थानीय भाषाओं, लोक कलाओं और पारंपरिक व्यंजनों का संरक्षण समय की मांग है, क्योंकि ये न केवल इतिहास को जीवित रखते हैं, बल्कि देश की सांस्कृतिक एकता को भी मजबूत करते हैं।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पूर्वांचल अब सांस्कृतिक पर्यटन के रूप में उभर रहा है, जो न केवल क्षेत्र की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी पैदा करेगा। इस प्रकार के आयोजनों से स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों और उद्यमियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और आर्थिक रूप से सशक्त बनने का मंच मिलता है।
विदेशों में बसे पूर्वांचल के लोगों की सराहना करते हुए बिरला ने कहा कि प्रवासी भारतीय अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए वैश्विक मंच पर भारत की पहचान को सुदृढ़ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल के लोगों ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर देश और दुनिया में विशिष्ट पहचान बनाई है, और वे संसद से लेकर गांवों तक राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान दे रहे हैं। इस अवसर पर Indira Gandhi National Centre for the Arts के अध्यक्ष और वरिष्ठ पत्रकार Ram Bahadur Rai भी उपस्थित रहे। ‘माटी 9’ महोत्सव ने यह संदेश दिया कि अपनी संस्कृति और परंपराओं को संजोकर रखना न केवल हमारी पहचान को मजबूत करता है, बल्कि हमें भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए भी सशक्त बनाता है।
Published on:
01 Apr 2026 04:36 am
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