
आप ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटाया (Photo-IANS)
Raghav Chadha: आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के कभी बेहद खास रहे राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को पार्टी ने संसद के ऊपरी सदन के उपनेता के पद से हटा दिया है। इसके बाद केजरीवाल के 'युवातुर्क' ने वीडियो पोस्ट कर पार्टी को साफ संदेश दिया है। राघव चड्ढा ने अपने वीडियो पोस्ट में कहा है कि मेरी चुप्पी को कमजोरी न समझें। मैं अभी शांत नदी हूं, लेकिन जरूरत पड़ी तो बाढ़ भी बन सकता हूं।
राघव ने अपनी ही पार्टी पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या जनता के मुद्दे उठाना कोई अपराध है? उन्होंने कहा, 'क्या मुझसे कोई गलती हुई है? जब भी मैं बोलता हूं, आम लोगों की समस्याओं पर ही बोलता हूं। फिर मुझे बोलने और जनहित के मुद्दे उठाने से क्यों रोका जा रहा है?' इसके साथ ही उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे पहले की तरह उनका साथ देते रहें।
राघव चड्ढा अब पार्टी के नेताओं के निशाने पर भी आ गए हैं। AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जो डर गया, समझो मर गया। चड्ढा के वीडियो पर आप सांसद संजय यादव ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने लिखा कि हमारे साथे निडरता से मोदी के खिलाफ लड़ते हैं। यही हमने केजरीवाल से सीखा है। अनुराघ ढांढा ने कहा कि तुम डर गए हो राघव, मोदी के खिलाफ बोलने से घबराते हो।
11 नवंबर 1988 को नई दिल्ली के राजेंद्र नगर में जन्मे राघव चड्ढा ने स्कूल की पढ़ाई दिल्ली के प्रतिष्ठित मॉडर्न स्कूल, बराखंबा रोड से की। फिर दिल्ली विश्वविद्यालय से कॉमर्स की डिग्री हासिल की। उन्होंने इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) से चार्टर्ड अकाउंटेंसी का कठिन कोर्स पूरा किया और महज 22 साल की उम्र में प्रैक्टिस लाइसेंस हासिल कर लिया। उस समय वे देश के सबसे युवा सीए में शुमार थे।
पढ़ाई पूरी होने के बाद राघव ने डेलॉइट और ग्रांट थॉर्नटन जैसी ग्लोबल फर्मों में काम किया। फिर आगे बढ़ते हुए उन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (LSE) से फाइनेंस में मास्टर्स/एग्जीक्यूटिव एमबीए किया। लंदन में उन्होंने अपनी खुद की वेल्थ मैनेजमेंट कंपनी भी शुरू की थी। वहां, जीवन बेहद आरामदेह था, लेकिन 2011 में जब अन्ना हजारे ने ‘इंडिया अगेनस्ट करप्शन’ आंदोलन शुरू और पूरा देश सड़कों पर उतर आया तो राघव भी खींचे चले आए।
साल 2012 में जब अन्ना आंदोलन से आम आदमी पार्टी का जन्म हुआ, तब राघव चड्ढा पार्टी के संस्थापक सदस्यों में शामिल हो गए। इस दौरान उन्होंने ल्ली लोकपाल बिल का ड्राफ्ट तैयार किया। स्माइलिंग फेस और शार्प रिप्लाई की वजह से अरविंद केजरीवाल टीम की नजर भी उन पर थी, लिहाजा पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया। वह राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की बातों को मीडिया के सामने रखने लगे। टीवी डिबेट्स में पार्टी का चेहरा बनकर उभरे।
फिर 2013 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में AAP की जीत के बाद राघव ने पार्टी के मेनिफेस्टो और कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट में अहम भूमिका निभाई। 26 साल की उम्र में उन्हें AAP का नेशनल ट्रेजरर बना दिया गया। 2020 में उन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की, लेकिन 2022 में पंजाब से राज्यसभा सांसद चुने गए। वह देश के सबसे युवा राज्य सभा सांसदों में से एक बने।
Updated on:
03 Apr 2026 01:59 pm
Published on:
03 Apr 2026 01:39 pm
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