Salal Dam Update: जम्मू-कश्मीर के रियासी स्थित सलाल डैम के गेट खोले जाने के बाद पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। चिनाब नदी में जलस्तर बढ़ने की आशंका के चलते पाकिस्तान ने हाई अलर्ट जारी किया है।
Indus Water Treaty: जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित सलाल डैम के गेट खोले जाने के बाद पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। चिनाब नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए पाकिस्तान प्रशासन ने कई इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है।
जानकारी के अनुसार भारत ने 21 मई से 30 मई तक सलाल डैम के स्पिलवे गेट खोलने का फैसला लिया है। इस दौरान चिनाब नदी में पानी का स्तर 2 से 3 मीटर तक बढ़ सकता है। पाकिस्तान के सियालकोट, नरोवाल और मराला बैराज क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
भारतीय अधिकारियों के मुताबिक डैम के गेट खोलना किसी आपात स्थिति का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह नियमित रखरखाव प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है। बताया गया है कि सलाल डैम में जमा सिल्ट यानी कीचड़ को बाहर निकालने के लिए फ्लशिंग प्रक्रिया शुरू की गई है। इस वजह से अतिरिक्त पानी छोड़ा जा रहा है।
सलाल डैम चिनाब नदी पर बना भारत का एक प्रमुख जलविद्युत प्रोजेक्ट है। करीब 130 मीटर ऊंचे इस बांध की बिजली उत्पादन क्षमता 690 मेगावाट है।
चिनाब नदी में जलस्तर बढ़ने की खबर के बाद पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में प्रशासन सतर्क हो गया है। स्थानीय एजेंसियों को लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। पाकिस्तान के कुछ हलकों में इस कदम को लेकर भारत पर 'वॉटर एग्रेशन' यानी पानी को हथियार की तरह इस्तेमाल करने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं।
हालांकि भारत ने साफ किया है कि यह पूरी तरह तकनीकी और सुरक्षा से जुड़ी नियमित प्रक्रिया है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि को लेकर पहले से तनाव बना हुआ है। पिछले साल आतंकी हमलों के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित करने का फैसला लिया था। इसी संधि के तहत चिनाब नदी का पानी पाकिस्तान तक पहुंचता है।
ऐसे में सलाल डैम से पानी छोड़े जाने को लेकर पाकिस्तान में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चिंता और बढ़ गई है।
चिनाब नदी भारत और पाकिस्तान दोनों के लिए रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस नदी पर कई जलविद्युत और सिंचाई परियोजनाएं निर्भर हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि डैम प्रबंधन और जल नियंत्रण को लेकर दोनों देशों के बीच आने वाले समय में संवेदनशीलता और बढ़ सकती है।