
Defence Minister Rajnath Singh: भारतीय नौसेना की नई स्टील्थ फ्रिगेट INS महेंद्रगिरि के कमीशनिंग समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष के दौरान भारतीय नौसेना ने 'ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा' के तहत 18 व्यापारी जहाजों को सुरक्षित एस्कॉर्ट कर 9 हजार करोड़ से अधिक मूल्य के जरूरी सामान की सुरक्षित ढुलाई की। उन्होंने कहा कि नौसेना अब सिर्फ देश की समुद्री सुरक्षा ही नहीं, बल्कि भारत के आर्थिक हितों की भी मजबूत रक्षक बन चुकी है।
विशाखापट्टनम स्थित नेवल डॉकयार्ड में शनिवार को आयोजित INS महेंद्रगिरि के आधिकारिक कमीशनिंग समारोह को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि हाल के वैश्विक घटनाक्रमों ने साबित कर दिया है कि किसी भी देश के लिए सक्षम, आधुनिक और त्वरित प्रतिक्रिया देने वाली नौसेना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद भारतीय नौसेना ने 'ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा' के तहत 18 व्यापारी जहाजों को सुरक्षित एस्कॉर्ट किया। इन जहाजों में 9 हजार करोड़ से अधिक मूल्य का आवश्यक सामान था। उनके मुताबिक इस अभियान ने दिखाया कि भारतीय नौसेना केवल युद्ध लड़ने वाली ताकत नहीं, बल्कि देश की आर्थिक सुरक्षा की भी मजबूत संरक्षक है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि INS महेंद्रगिरि एक ब्लू-वॉटर वॉरशिप है, जो सिर्फ तटीय इलाकों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि गहरे समुद्र में कई सप्ताह तक तैनात रहकर भारत के समुद्री हितों की रक्षा करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि भारत अब केवल समुद्र के जरिए अपनी दिशा तय करने वाला देश नहीं है, बल्कि समुद्री क्षेत्र में अपनी रणनीतिक क्षमता भी लगातार बढ़ा रहा है।
राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'MAHA SAGAR' (Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions) विजन का जिक्र करते हुए कहा कि भारत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक भरोसेमंद साझेदार और 'नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर' के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया की नजर आज हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर है और इस क्षेत्र में भारत की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। भारत सभी देशों की सुरक्षा और साझा विकास का समर्थक है तथा क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने में अहम योगदान दे रहा है।