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IPS पूरन की मौत के 5 दिन बाद भी नहीं हुआ अंतिम संस्कार, जानिए वजह

Haryana IPS Officer Death: हरियाणा के वरिष्ठ IPS अधिकारी वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या मामले ने तूल पकड़ लिया है, परिवार सुसाइड नोट में नामित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहा है।
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Oct 11, 2025
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IPS पूरन (X)

हरियाणा के वरिष्ठ IPS अधिकारी वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या का मामला लगातार गरमाता जा रहा है। मौत के पांच दिन बाद भी परिवार न्याय की मांग पर अड़ा हुआ है, जिसके चलते पोस्टमॉर्टम में देरी हो रही थी। हालांकि, आज शनिवार को शव को चंडीगढ़ के PGI अस्पताल लाया गया है, जहां पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। परिवार ने साफ कहा है कि जब तक सुसाइड नोट में नामित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होगी, अंतिम संस्कार नहीं होगा। इस बीच, हरियाणा सरकार ने रोहतक के SP नरेंद्र बिजारनिया को हटा दिया है, जो सुसाइड नोट में नामित थे।

अधिकारीयों पर गंभीर आरोप

वाई. पूरन कुमार (52 वर्ष), 2001 बैच के IPS अधिकारी, 7 अक्टूबर को चंडीगढ़ के सेक्टर 11 स्थित अपने सरकारी आवास के बेसमेंट में अपनी सर्विस रिवॉल्वर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। उनकी बेटी ने शव की खोज की थी। घटनास्थल से आठ से नौ पन्नों का 'फाइनल नोट' बरामद हुआ, जिसमें उन्होंने हरियाणा DGP शत्रुजीत कपूर, रोहतक SP नरेंद्र बिजारनिया समेत 10 वर्तमान और पूर्व IPS अधिकारियों तथा तीन रिटायर्ड IAS अधिकारियों पर जातिगत भेदभाव, मानसिक उत्पीड़न, सार्वजनिक अपमान और प्रशासनिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे। नोट में उन्होंने अपनी संपत्ति पत्नी अमनीत पी. कुमार को सौंपने का भी वसीयतनामा लिखा था।

पत्नी अमनीत की मांग

कुमार की पत्नी और हरियाणा सरकार में आयुक्त-सचिव (विदेश सहयोग विभाग) के पद पर तैनात वरिष्ठ IAS अधिकारी अमनीत पी. कुमार ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को 9 अक्टूबर को ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने सभी नामित अधिकारियों की तत्काल निलंबन, गिरफ्तारी और SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग की है। अमनीत ने चंडीगढ़ के सेक्टर 11 थाने में 8 अक्टूबर को शिकायत दर्ज कराई, जिसमें FIR को 'अधूरा' बताते हुए कहा कि DGP कपूर और SP बिजारनिया जैसे प्रमुख आरोपी 'सस्पेक्ट कॉलम' में शामिल नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पति को वर्षों से 'सिस्टेमैटिक अपमान' सहना पड़ा, जिसमें मंदिर जाने तक की अनुमति न मिलना और पिता की मौत पर घर न जाने देना शामिल है। अमनीत ने कहा, "न्याय मिले बिना अंतिम विदाई नहीं देंगे।"

2024 में दर्ज की थी शिकायत

परिवार का कहना है कि कुमार को हाल ही में रोहतक के सुन्नारिया पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में IG के पद पर भेजा गया था, लेकिन वह छुट्टी पर थे। इससे पहले अप्रैल 2024 में उन्होंने अपनी आधिकारिक गाड़ी लौटा दी थी। मई 2024 में CM को पत्र लिखकर अनियमित प्रमोशन और SC अधिकारियों के साथ भेदभाव की शिकायत की थी।

जांच के लिए SIT का गठन

चंडीगढ़ पुलिस ने 10 अक्टूबर को सुसाइड नोट के आधार पर IPC की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और SC/ST एक्ट के तहत FIR दर्ज की। मामला इतना संवेदनशील होने के कारण समयबद्ध विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया गया है, जिसमें छह सदस्य हैं। SIT ने कुमार के घर का दौरा किया, लेकिन परिवार ने पोस्टमॉर्टम की अनुमति नहीं दी। FSL टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। हरियाणा सरकार ने भी अलग से SIT बनाई है। आज रोहतक SP नरेंद्र बिजारनिया को हटाकर IPS सुरिंदर सिंह भोरिया को नया SP नियुक्त किया गया। यह कार्रवाई सुसाइड नोट और शिकायत के आधार पर पहला कदम माना जा रहा है।

Updated on:
11 Oct 2025 01:01 pm
Published on:
11 Oct 2025 01:01 pm
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