BRICS Summit: दिल्ली में आयोजित BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची भारत पहुंचे है। इस दौरे के दौरान वह भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ महत्वपूर्ण बैठक भी करेंगे।
BRICS Summit: अमेरिका के साथ जारी संघर्ष के बीच ईरान विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची भारत के दौरे पर आए है। अराघची नई दिल्ली में आयोजित BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने भारत पहुंचे है। यहां विदेश मंत्री डा. एस जयशंकर ने हाथ मिलाकर गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच संक्षिप्त बातचीत भी हुई। अराघची तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर बुधवार को भारत पहुंचे थे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य BRICS बैठक में हिस्सा लेना है। अमेरिका और इजरायल के साथ जंग शुरू होने के बाद से भारत की तेहरान के साथ यह पहली उच्च स्तरीय राजनयिक मुलाकात है।
यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा बाजार और समुद्री सुरक्षा को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। इस दौरे के दौरान अराघची भारतीय विदेश मंत्री के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक में भी हिस्सा लेंगे। इस विस्तृत द्विपक्षीय वार्ता में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सबसे अहम मुद्दा माना जा रहा है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक कच्चे तेल और एलएनजी आपूर्ति का प्रमुख केंद्र है। हाल के सप्ताहों में ईरान द्वारा समुद्री गतिविधियों पर नियंत्रण सख्त करने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस कीमतों में तेज उतार-चढाव देखा गया है।
भारत, जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए आयात पर काफी निर्भर है, इस जलमार्ग से व्यापारी जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर बैठक के दौरान गंभीर चिंता जता सकता है। कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार नई दिल्ली क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने और व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर देगी। हालांकि BRICS समूह के भीतर पश्चिम एशिया संकट को लेकर एकमत राय बनाना आसान नहीं दिख रहा है। पिछले महीने हुई उप विदेश मंत्रियों और विशेष दूतों की बैठक में सदस्य देशों के बीच मतभेद खुलकर सामने आए थे। विशेष रूप से ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच ऊर्जा ढांचे पर कथित हमलों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप ने साझा बयान की संभावनाओं को कमजोर किया।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या नई दिल्ली में चल रही मंत्रिस्तरीय बैठक किसी संयुक्त सहमति तक पहुंच पाएगी। भारत, BRICS अध्यक्ष के रूप में, सदस्य देशों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है ताकि समूह की सामूहिक भूमिका कमजोर न दिखे। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने BRICS को ग्लोबल साउथ सहयोग मजबूत करने का महत्वपूर्ण मंच बताया। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली की बैठक अंतरराष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था में सुधार, स्वतंत्र व्यापार तंत्र विकसित करने और वित्तीय सहयोग बढाने का अवसर है। उनके अनुसार ईरान की भू-रणनीतिक स्थिति, ऊर्जा संसाधन और वैज्ञानिक क्षमता BRICS की विकास प्राथमिकताओं को मजबूत कर सकती है। संघर्ष शुरू होने के बाद ईरान लगातार भारत के संपर्क में बना हुआ है और उसने नई दिल्ली से क्षेत्रीय तनाव कम करने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील भी की है।