राष्ट्रीय

UAE दौरे के दावे पर ईरान भड़का, अब्बास अराघची बोले- इजरायल से साठगांठ करने वालों से होगा हिसाब

Abbas Araghchi on Iran Israel: ईरान-इजरायल तनाव के बीच बेंजामिन नेतन्याहू के कथित UAE दौरे पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इजरायल से साठगांठ करने वालों को चेतावनी दी, जबकि UAE ने सभी दावों को निराधार बताया।
2 min read
May 14, 2026
Abbas Araghchi
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Photo- IANS)

Iran Israel Conflict: ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को लेकर नया विवाद सामने आया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने उन रिपोर्टों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिनमें दावा किया गया था कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ के दौरान गुप्त रूप से UAE का दौरा किया। हालांकि, UAE ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि नेतन्याहू ने सार्वजनिक रूप से वही बात स्वीकार की है, जिसकी जानकारी ईरान की सुरक्षा एजेंसियां पहले ही देश के नेतृत्व को दे चुकी थीं। उन्होंने कहा कि ईरान की जनता के खिलाफ दुश्मनी मोल लेना 'बेवकूफी भरा जुआ' है और इजरायल के साथ किसी भी तरह की साठगांठ 'अक्षम्य' मानी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग क्षेत्र में फूट डालने के लिए इजरायल का साथ दे रहे हैं, उनसे जवाब मांगा जाएगा।

इजरायली PMO के दावे से मचा विवाद

यह विवाद तब शुरू हुआ जब इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने बुधवार को दावा किया कि नेतन्याहू ने गुप्त रूप से UAE का दौरा किया और वहां राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की। बयान में कहा गया कि इस मुलाकात से दोनों देशों के संबंधों में 'ऐतिहासिक सफलता' हासिल हुई है।

इसके बाद कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि ईरान के साथ संघर्ष के दौरान इजरायल और UAE के बीच सैन्य समन्वय भी हुआ। रिपोर्टों के अनुसार, इजरायल ने UAE को ‘आयरन डोम’ रक्षा प्रणाली की एक बैटरी और उसे संचालित करने के लिए सैनिक भेजे थे। साथ ही यह भी कहा गया कि मोसाद प्रमुख डेविड बार्निया ने संघर्ष के समन्वय के लिए कम से कम दो बार UAE का दौरा किया।

UAE ने किया स्पष्ट खंडन

इन दावों के सामने आने के बाद UAE के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर सभी रिपोर्टों को निराधार बताया। मंत्रालय ने कहा कि इजरायल के साथ उसके संबंध सार्वजनिक हैं और वे केवल ‘अब्राहम समझौते’ के दायरे में संचालित होते हैं। UAE ने कहा कि किसी भी गुप्त दौरे या अप्रकाशित समझौते से जुड़े दावों को तब तक सही नहीं माना जाएगा, जब तक संबंधित अधिकारी उसकी आधिकारिक पुष्टि न करें।

इस पूरे घटनाक्रम ने पश्चिम एशिया में पहले से जारी तनाव को और बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसे दावों और आरोपों का सिलसिला जारी रहा, तो क्षेत्रीय कूटनीति और सुरक्षा समीकरणों पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है।

Updated on:
14 May 2026 05:57 am
Published on:
14 May 2026 05:57 am