PM Modi: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से फोन पर बात कर शांति और कूटनीति की अपील की।
Iran Israel War: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत भी हालात पर नजर बनाए हुए है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से फोन पर बात की और क्षेत्र में बिगड़ती स्थिति पर चिंता जताई। प्रधानमंत्री ने बातचीत के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी शेयर करते हुए बताया कि उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति से मौजूदा हालात को लेकर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव, आम लोगों की मौत और नागरिक ढांचे को हो रहे नुकसान को लेकर भारत बेहद चिंतित है।
प्रधानमंत्री मोदी ने साफ कहा कि ऐसे समय में सबसे जरूरी है कि हालात को शांत करने के लिए बातचीत का रास्ता अपनाया जाए। उन्होंने शांति और स्थिरता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कूटनीतिक प्रयासों को आगे बढ़ाने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि इस संकट के बीच भारत की पहली प्राथमिकता अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। साथ ही ऊर्जा आपूर्ति बिना किसी रुकावट के जारी रहे, इस पर भी सरकार विशेष ध्यान दे रही है।
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष का असर अब अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भी साफ दिखने लगा है। इसी मुद्दे पर संसद में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी स्थिति स्पष्ट की।उन्होंने बताया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होने वाली लगभग 20 प्रतिशत आवाजाही प्रभावित हुई है। हालांकि उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत के पास फिलहाल पर्याप्त गैस उपलब्ध है और लोगों को किसी तरह की घबराहट में आने की जरूरत नहीं है।
देश के कई हिस्सों से ऐसी खबरें सामने आई कि लोग एलपीजी सिलेंडर के लिए लंबी कतारों में खड़े दिखाई दिए। इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने एक कार्यक्रम में लोगों से संयम बनाए रखने की अपील की।उन्होंने कहा कि कुछ लोग एलपीजी को लेकर बेवजह डर और अफवाह फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन भारत के 140 करोड़ लोगों पर उन्हें पूरा भरोसा है कि जैसे कोरोना महामारी के कठिन दौर को देश ने मिलकर पार किया, वैसे ही इस चुनौती का भी सामना किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि मौजूदा हालात से निपटने में हर किसी की भूमिका अहम है।