ईरान-इजरायल युद्ध की वजह से होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते से भारत समेत दुनिया के कई देशों में होने वाली कच्चे तेल और गैस की सप्लाई बाधित हुई है। ईरान-इजरायल युद्ध की वजह से पैदा हुआ हुए ऊर्जा संकट पर PM मोदी ने खुलकर बात की है। इस गंभीर परिस्थिति में भारत के पास कितना तेल बचा है, PM मोदी ने इसकी जानकारी दी है।
Iran–Israel War: ईरान-इजरायल युद्ध 28 फरवरी से जारी है। इस युद्ध की वजह से भारत समेत दुनिया के कई देशों में होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते से होने वाली क्रूड ऑयल और गैस की सप्लाई बाधित हुई है। क्रूड ऑयल और गैस की आपूर्ति बाधित होने का असर भारत पर भी पड़ा है। हालांकि, धीरे-धीरे हालात सुधर रहे हैं। ईरान-इजरायल संघर्ष की वजह से उपजे इन हालातों पर पीएम मोदी ने लोकसभा में खुलकर बात की। PM मोदी ने ऊर्जा की चुनौतियों पर बात करते हुए बताया कि भारत के पास कितना रिजर्व तेल बचा है?
PM मोदी ने आज लोकसभा में मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और ऊर्जा संकट के विषय पर बात की। PM मोदी ने कहा कि ईरान-इजरायल युद्ध की वजह से होर्मुज स्ट्रेट से होने वाली तेल-गैस की सप्लाई बाधित हुई है। बीते दशक में भारत ने संकट के ऐसे ही समय के लिए कच्चे तेल के भंडारण को प्राथमिकता दी है। आज भारत के पास 53 लाख मीट्रिक टन से ज्याद का स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व है और 65 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा ईंधन रिजर्व करने पर काम चल रहा है। इसके अलावा हमारी रिफाइनरियों के पास अलग से रिजर्व तेल है। पिछले 11 सालों में हमारी रिफाइनिंग क्षमता काफी बढ़ी है।
PM मोदी ने ईरान-इजरायल युद्ध की वजह से पैदा हुईं ऊर्जा की चुनौतियों पर बात की। PM मोदी ने कहा कि इस संकट के देश की एक और तैयारी बहुत काम आ रही है। पिछले 10-11 सालों में इथेनॉल प्रोडक्शन और ब्लेंडिंग पर बहुत ज्यादा काम हुआ है। एक दशक पहले देश में सिर्फ 1% इथेनॉल ब्लेंडिंग की क्षमता थी। आज हम पेट्रोल में 20% इथेनॉल ब्लेंडिंग हासिल करने के करीब हैं। इस वजह से पिछले 1 साल में हमें लगभग 4.5 करोड़ बैरल कम तेल इंपोर्ट करना पड़ा है। मौजूदा विवाद से दुनिया भर की इकॉनमी पर असर पड़ रहा है। भारत पर इसका असर न हो, यह पक्का करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही हैं। भारत के आर्थिक बुनियादी ढांचे मजबूत हैं, जिससे देश को बहुत मदद मिली है।
लोकसभा में PM मोदी ने ईरान-इजरायल के बीच जारी संघर्ष और ऊर्जा की चुनौतियों पर अपनी बात रखी। PM ने कहा कि ईरान-इजरायल युद्ध की वजह से उपजे हालातों का असर लंबे समय तक रहने की संभावना है। इसलिए हमें तैयार रहना है और एकजुट रहना है। कोरोना काल के समय हमने एकजुट होकर कठिन परिस्थिति का सामना किया है। हम पहले भी एकजुट रह चुके हैं। अब हमें धैर्य के साथ, संयम के साथ और धीरज के साथ काम करना है।
PM मोदी ने लोकसभा में कहा कि जब से ईरान-इजरायल युद्ध शुरू हुआ है, प्रभावित देशों में रहने वाले प्रत्येक भारतीय को सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि मैंने अधिकांश पश्चिम एशियाई देशों के राष्ट्राध्यक्षों से 2 बार फोन पर बात की है। सभी ने भारतीयों की सुरक्षा का आश्वासन दिया है। इस संघर्ष के दौरान कुछ लोगों ने अपनी जान गंवाई है और कुछ घायल हुए हैं। दुर्भाग्य से इस युद्ध की वजह से कुछ लोगों की मौत है और कुछ लोग घायल हैं। विदेशों में हमारे जितने भी मिशन हैं। वह हमारे नागरिकों की मदद कर रहे हैं। विदेश में फंसे हमारे लोगों की मदद के लिए भारत में 24 घंटे हेल्पलाइन जारी की गई है। अब तक 3 लाख 75 हजार से अधिक भारतीय सुरक्षित भारत लौट चुके हैं। ईरान से 1000 से अधिक छात्र लौटे हैं।