US President Donald Trump on UN and UNSC: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रदर्शनकारियों को हथियार भेजने के दावे पर ईरान ने संयुक्त राष्ट्र और सुरक्षा परिषद में कड़ी प्रतिक्रिया दी। ईरान के स्थायी प्रतिनिधि अमीर सईद इरावानी ने सुरक्षा परिषद से तत्काल कार्रवाई और उल्लंघन की निंदा करने की मांग की।
Amir Saeid Iravani on Donald Trump Weapons Claim: प्रदर्शनकारियों को हथियार भेजने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे पर ईरान की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरान के सरकारी टीवी के अनुसार, ट्रंप की स्वीकारोक्ति के बाद संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि अमीर सईद इरावानी ने वैश्विक संस्था को पत्र लिखा।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव और सुरक्षा परिषद को लिखे पत्र में ट्रंप की टिप्पणियों को हिंसा भड़काने और ईरान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने की स्पष्ट स्वीकारोक्ति बताया गया। इरावानी ने लिखा, 'ऐसा व्यवहार मध्य-पूर्व और उससे परे आतंकवादी समूहों को बनाने, वित्तपोषित करने और हथियार मुहैया कराने की संयुक्त राज्य अमेरिका की दीर्घकालिक नीति के अनुरूप है। यह संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के मूलभूत सिद्धांतों का घोर उल्लंघन है।'
उन्होंने आगे कहा कि वॉशिंगटन ईरान में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों को हिंसा, अशांति और रक्तपात में बदलने की कोशिश कर रहा था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी अन्य देश में समूहों को हथियार देना अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी को जन्म देता है।
इरावानी ने कहा, 'सुरक्षा परिषद को इन खतरनाक बयानों की कड़ी निंदा करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इन उल्लंघनों के लिए उचित दंड दिया जाए। साथ ही स्पष्ट रूप से घोषणा की जाए कि आतंकवाद को राज्य का समर्थन देने वाले किसी भी आचरण को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।'
पत्र में दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 के दौरान ईरान में हुई अशांति में नागरिकों और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया गया। इसके अलावा, ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (United Arab Emirates) और सऊदी अरब (Saudi Arabia) सहित क्षेत्रीय देशों से अच्छे पड़ोसी संबंध बनाए रखने का आग्रह किया।
'द टाइम्स ऑफ इजराइल' (The Times of Israel) के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस में ईस्टर के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में स्वीकार किया कि अमेरिका ने ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों को हथियार देने का प्रयास किया था, हालांकि यह प्रयास विफल रहा।
व्हाइट हाउस में ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, 'हमने बंदूकें भेजीं, बहुत सारी बंदूकें। ये आम लोगों तक पहुंचनी थीं ताकि वे इन बदमाशों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई कर सकें। लेकिन जिन लोगों को ये भेजी गईं, उन्होंने ही इन्हें अपने पास रख लिया।'
रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने इस पर निराशा जताते हुए कहा, 'मैं लोगों के एक समूह से बहुत नाराज हूं और उन्हें इसके लिए भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।' हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि हथियारों को किसने डायवर्ट किया, लेकिन पहले बिना सबूत के ‘कुर्द मध्यस्थों’ की ओर इशारा किया था।