
Irfan Ansari on Jharkhand Students Protest: झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बीजेपी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि बीजेपी अस्थिरता पैदा करने में विश्वास रखती है। वह कभी युवाओं की हितैषी नहीं रही। इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य में उनकी सरकार होने के बावजूद राहुल गांधी ने छात्र प्रदर्शन की घटना की निंदा की। उनका कहना है कि बीजेपी को राहुल गांधी से सीखना चाहिए।
इरफान अंसारी ने कहा कि बीजेपी का काम अस्थिरता पैदा करना है। उन्होंने कहा कि युवाओं की परेशानी को समझना जरूरी है। सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए। उन्होंने बिहार और दिल्ली में हुए छात्र प्रदर्शनों का भी जिक्र किया। इरफान अंसारी ने कहा कि बिहार में युवाओं के खिलाफ AK-47 के इस्तेमाल की बात सामने आई। जंतर-मंतर पर भी प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ, यह सभी ने देखा है।
रांची में छात्रों का आंदोलन बुधवार को 19वें दिन भी जारी है। छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और अपनी दूसरी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। बीती रात डीसी, एसएसपी, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर और एसडीओ जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचे थे। प्रशासन ने छात्रों से धरना खत्म कर स्टेडियम खाली करने को कहा।
प्रशासन का कहना था कि छात्रों की कई मांगें मान ली गई हैं। ऐसे में धरना जारी रखने का कारण नहीं है। छात्रों ने इस बात को मानने से इनकार कर दिया।
छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं आंदोलन जारी रहेगा। अब उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सीधे बातचीत की मांग रखी है। छात्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री से बातचीत के बाद ही आंदोलन को लेकर आगे का फैसला लिया जाएगा।
बीजेपी विधायक राज सिन्हा भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन रात के अंधेरे में छात्रों को हटाने की कोशिश कर रहा था। राज सिन्हा ने कहा कि अगर प्रशासन को छात्रों के खिलाफ कोई कार्रवाई करनी है तो वह दिन के उजाले में करे। रात में छात्रों को हटाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।
छात्र नेता पीयूष कुमार के मुताबिक, एसएसपी, डीएसपी और डीसी प्रदर्शन स्थल पर आए थे। उन्होंने भूख हड़ताल कर रहे छात्रों से बात की और हड़ताल खत्म करने को कहा। पीयूष कुमार ने बताया कि अधिकारियों ने सीजीएल के छात्रों से भी बातचीत की। हालांकि, छात्रों का कहना है कि उन्हें वहां से जाने के लिए आधिकारिक तौर पर कोई आदेश नहीं दिया गया है।
डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि प्रशासन ने भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों को कुछ खाने के लिए मनाने की कोशिश की है। उनका कहना है कि भूख हड़ताल से छात्रों की सेहत खराब हो सकती है। प्रशासन आगे भी उन्हें समझाने की कोशिश करेगा।