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ईरान से तनाव के बीच भारत के लिए इजराइल का बड़ा बयान, कहा- इंडिया का साथ मिलने से हौसला बढ़ा

ईरान से चल रहे तनाव के बीच इजराइल के राजदूत रुवेन अजार ने भारत की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि हॉर्मुज स्ट्रेट में समुद्री रास्ते खुला रखने पर भारत का मजबूत समर्थन मिलने से इजराइल का हौसला बढ़ा है।

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Apr 09, 2026
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो - एएनआई)

ईरान से तनाव के बीच भारत के लिए इजराइल ने बड़ा बयान जारी किया है। इजराइल ने साफ कहा है कि भारत का खुला समर्थन मिलने से उसका हौसला बढ़ गया है।

खासकर हॉर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बिना किसी रुकावट के जारी रखने पर भारत के रुख की इजराइल के राजदूत रुवेन अजार ने तारीफ की है। राजदूत अजार ने कहा कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों को लेकर बहुत मजबूत रुख अपनाए हुए है।

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उन्होंने कहा कि इस वक्त जब पश्चिम एशिया में तनाव चल रहा है, तब भी भारत समुद्री रास्तों को खुला रखने की बात कर रहा है, जो इजराइल को काफी अच्छा लग रहा है।

भारत-इजराइल रिश्ते नई ऊंचाई पर

अजार ने एक खास इंटरव्यू में कहा- हम भारत के साथ अपने रिश्तों से बहुत खुश हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजराइल यात्रा के बाद दोनों देशों के बीच रक्षा, फाइनेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और शिक्षा जैसे कई क्षेत्रों में अच्छे-खासे समझौते हो गए।

उन्होंने आगे कहा कि भारत का फ्री नेविगेशन यानी समुद्री रास्तों पर कोई दबाव न डालने का स्टैंड बहुत महत्वपूर्ण है। दुनिया के देशों को मिलकर अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करना चाहिए और समुद्र के रास्तों पर किसी भी तरह की जबरदस्ती रोकनी चाहिए।

भारत ने अमेरिका-ईरान संघर्षविराम का स्वागत किया

इस बीच भारत सरकार ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए संघर्षविराम का स्वागत किया है। विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि उम्मीद है यह कदम पश्चिम एशिया में लंबे समय तक शांति लाएगा।

भारत हमेशा से डी-एस्केलेशन, बातचीत और कूटनीति पर जोर देता आया है। हॉर्मुज स्ट्रेट से तेल और व्यापार की आवाजाही बिना किसी रुकावट के चलती रहनी चाहिए, क्योंकि इससे पूरी दुनिया का ऊर्जा सप्लाई और व्यापार प्रभावित होता है। भारत ने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में यह विकास यूक्रेन में शांति के प्रयासों को भी बढ़ावा दे सकता है।

ईरान की आक्रामकता ने कई देशों को एकजुट किया

वहीं, राजदूत अजार ने ईरान की हालिया हरकतों पर बात करते हुए कहा कि ईरान की आक्रामकता ने कई देशों को एक साथ ला दिया है। लोग अब समझ रहे हैं कि यह कितना खतरनाक है। अगर ईरान को अपनी धमकियां पूरी करने दिया जाता तो स्थिति और भी बिगड़ जाती।

अब ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे बड़े खतरे कम होने के बाद इजराइल उम्मीद कर रहा है कि ईरान अमेरिका के साथ व्यापक शांति योजना पर सहयोग करेगा। अजार ने कहा- हम बहुत संतुष्ट हैं। हमने अपना सैन्य अभियान पूरा कर लिया है। अब कूटनीति को मौका मिलना चाहिए।

ट्रंप के प्लान पर सहयोग की उम्मीद

अजार ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के 15 सूत्री प्लान का जिक्र करते हुए कहा कि अगर ईरान इस मौके को समझता है और सहयोग करता है तो न सिर्फ उसे फायदा होगा बल्कि पूरे इलाके को राहत मिलेगी।

वहीं अजार ने साफ चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा- अगर ईरान संघर्षविराम का उल्लंघन करता है या समय बर्बाद करता है तो हम तैयार हैं। अपनी सेनाओं के साथ खड़े हैं और जरूरत पड़ी तो खुद की रक्षा करेंगे।

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