
हॉर्मुज की खाड़ी को लेकर IRGC का नया फरमान
IRGC Hormuz Map: अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के लिए युद्धविराम के बाद भी तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इजरायल ने ईरान के तेल रिफाइनरी पर हमला करने के बाद होर्मुज स्ट्रेट को फिर से बंद करने की खबर सामने आई। इसी बीच ईरानी क्रांतिकारी गार्ड कोर (आईआरजीसी) होर्मुज को लेकर नया नक्शा जारी किया है। अब यह नक्शा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें बताया गया है कि जहाज को वहां से कैसे निकालना है। समुंद्र में बारूदी सुरंगों से बचने के लिए इस नए नक्शा की मदद लेनी पड़ेगी।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरानी क्रांतिकारी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने होर्मुज स्ट्रेट में नौसैनिक खदानों से बचने के लिए जहाजों के लिए वैकल्पिक शिपिंग मार्गों को दर्शाने वाला एक नक्शा जारी किया है। मानचित्र पर वृत्त को खतरे का क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया गया है। आईआरजीसी नौसेना का कहना है कि नौसैनिक खदानों से बचने के लिए जहाजों को उनके साथ समन्वय करना होगा। जो टैंकर पहले होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिण में स्थित ओमान के करीब से गुजरते थे, उन्हें अब ईरानी तट के करीब अधिक उत्तरी मार्ग अपनाने के लिए कहा जा रहा है।
अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (एडीएएनओसी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने ईरान से बिना किसी शर्त के होर्मुज होर्मुज स्ट्रेट को खोलने का आह्वान किया है। सुल्तान अल जाबेर ने लिंक्डइन पर एक पोस्ट में कहा, 'ईरान ने अपने बयानों और कार्यों दोनों के माध्यम से यह स्पष्ट कर दिया है कि आवागमन अनुमति, शर्तों और राजनीतिक दबाव के अधीन है। यह नौवहन की स्वतंत्रता नहीं है, यह जबरदस्ती है।
राज्य के स्वामित्व वाली संस्था के प्रमुख ने आगे कहा कि होर्मुज स्ट्रेट का निर्माण, इंजीनियरिंग, वित्तपोषण या निर्माण किसी भी राज्य द्वारा नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि यह संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन द्वारा शासित एक प्राकृतिक मार्ग है, जो पारगमन को एक अधिकार के रूप में गारंटी देता है। यह कोई विशेषाधिकार नहीं है जिसे प्रदान किया जा सके, रोका जा सके या हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा सके।
उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह बिना शर्त और बिना किसी प्रतिबंध के खुला होना चाहिए। ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक आर्थिक स्थिरता इसी पर निर्भर करती है। इस महत्वपूर्ण जलमार्ग का किसी भी रूप में शस्त्रीकरण बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
रॉयटर्स समाचार एजेंसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमले से उत्पन्न तेल और गैस संकट के कारण रूस को अपने सबसे बड़े एकल तेल कर से होने वाले राजस्व में दोगुनी वृद्धि देखने को मिलेगी। फरवरी के अंत में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हवाई हमलों के बाद, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद कर दिया - जो वैश्विक तेल और एलएनजी प्रवाह के लगभग पांचवें हिस्से का मार्ग है- जिससे ब्रेंट वायदा की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से काफी ऊपर पहुंच गईं।
रॉयटर्स द्वारा प्रारंभिक उत्पादन आंकड़ों और तेल की कीमतों के आधार पर किए गए अनुमानों के अनुसार, रूस में तेल उत्पादन पर लगने वाला खनिज निष्कर्षण कर अप्रैल में बढ़कर लगभग 700 अरब रूबल (9 अरब डॉलर) हो जाएगा, जो मार्च में 327 अरब रूबल था। यह गणना ईरान के खिलाफ युद्ध से रूस को हुए अप्रत्याशित लाभ के पहले ठोस सबूतों में से एक है, जो दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा तेल निर्यातक देश है। तेल व्यापारियों का कहना है कि इस युद्ध ने हाल के इतिहास में सबसे गंभीर ऊर्जा संकट को जन्म दिया है।
Published on:
09 Apr 2026 05:31 pm
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