
Iran-Israel-US War: होर्मजु स्ट्रेट को लेकर वाशिंगटन और तेहरान में हालिया तनाव के बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बार फिर ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि जरूरत पड़ी तो एक बार फिर ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान चला सकता है। साथ ही यह भी कहा कि जब तक वह प्रधानमंत्री है, तब तक ईरान को परमाणु हथियार नहीं हासिल करने दिया जाएगा।
हिब्रू भाषा के प्रसारक चैनल-14 को दिए एक इंटरव्यू में बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, इजरायल पहले भी ईरान में दो बार प्रवेश कर चुका है, जिसे उन्होंने अस्तित्व पर खतरा बताया। इजरायली पीएम ने कहा कि वह इस तरह की कार्रवाई को फिर से करने में नहीं हिचकिचाएगा।
उन्होंने कहा आगे कहा, 'हमने खुद को बचाने के लिए दो बार ईरान में प्रवेश किया। यदि जरूरत पड़ी तो तीसरी बार भी ऐसा करेंगे। जब तक मैं प्रधानमंत्री हूं, ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे।'
उन्होंने कहा आगे कहा, 'हमने खुद को बचाने के लिए दो बार ईरान में प्रवेश किया। यदि जरूरत पड़ी तो तीसरी बार भी ऐसा करेंगे। जब तक मैं प्रधानमंत्री हूं, ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे।'
बेंजामिन नेतन्याहू ने यह भी कहा कि ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों के खिलाफ इजरायल का अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है। पिछले तीन सालों में मिली बड़ी मिलिट्री बढ़त के बावजूद पूरी जीत की उनकी कोशिश जारी है।
बेंजामिन नेतन्याहू ने यह भी स्पष्ट किया कि इजरायल, गाजा, ईरान और उसके सहयोगी संगठनों के खिलाफ अपनी सैन्य और सुरक्षा कार्रवाई तब तक जारी रखेगा, जब तक वह अपने घोषित सुरक्षा उद्देश्यों को पूरा नहीं कर पाता।
एक सवाल के जवाब में इजरायली प्रधानमंत्री ने कहा, गाजा में बस्तियों के पुनर्निर्माण के बारे में पहले कार्रवाई के लिए तैयार रहना चाहिए। बाद में उस पर बात करनी चाहिए। कई बार दोनों चीजों को अलग रखना बेहतर होता है। इसलिए मैं इस विषय पर इससे अधिक कुछ नहीं कहूंगा।
इजरायली नेता ने यह भी दोहराया कि जब तक वे ईरान के सपोर्ट वाले हिजबुल्लाह को खतरा मानते रहेंगे, तब तक इजराइली सेना दक्षिणी लेबनान में तैनात रहेगी। दक्षिणी लेबनान दौरे पर उन्होंने कहा, 'हमारी स्थिति साफ है, हम दक्षिणी लेबनान तब तक नहीं छोड़ेंगे, जब तक खतरा खत्म नहीं हो जाता। जब तक हिजबुल्लाह हथियारों से लैस होकर, यहां है और हमें धमका रहा है, हम यहीं रहेंगे।'
आपको बता दें कि बेंजामिन नेतन्याहू का यह बयान लेबनान और इजरायल के US-स्पॉन्सर्ड फ्रेमवर्क एग्रीमेंट पर साइन करने के कुछ दिनों बाद आया है।