
CM Bhagwant Mann meets Punjab Governor: पंजाब के सीएम भगवंत सिंह मान ने बुधवार को राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर जगतार सिंह हवारा को 10 दिन की पैरोल देने की सिफारिश की है। सीएम ने यह अनुरोध हवारा की मां की खराब होती तबीयत को देखते हुए मानवीय आधार पर किया है। मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि यह सिफारिश हवारा को उसकी मां से मिलने का अवसर देने के लिए की गई है। उनकी मां ने तीन दशक से अधिक समय से अपने बेटे को नहीं देखा है।
जगतार सिंह हवारा का नाम 1995 में हुए बेअंत सिंह हत्याकांड से जुड़ा है। बेअंत सिंह उस समय पंजाब के मुख्यमंत्री थे। उनकी हत्या 31 अगस्त 1995 को चंडीगढ़ में पंजाब सिविल सचिवालय के बाहर एक बम धमाके में हुई थी। इस हमले में बेअंत सिंह समेत कई लोगों की मौत हुई थी। हवारा को इस हत्याकांड में दोषी ठहराया गया और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई। वह फिलहाल जेल में सजा काट रहा है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि हवारा की मां उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही हैं और अपने बेटे से मिलना चाहती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी मां ने करीब 31 साल से अपने बेटे को नहीं देखा है। भगवंत मान ने कहा कि इसी मानवीय पहलू को देखते हुए हवारा को 10 दिन की पैरोल देने की सिफारिश की गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह मामला केंद्र शासित प्रदेश से संबंधित होने के कारण राज्यपाल की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्यपाल की ओर से अनुरोध को केंद्र सरकार तक भेजा जाएगा और अंतिम फैसला केंद्र सरकार को लेना है। भगवंत मान ने राज्यपाल को यह भी आश्वासन दिया कि पैरोल के दौरान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से किसी तरह का समझौता नहीं होने दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने अनुरोध पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने भारत सरकार के गृह सचिव से बात कर आवश्यक औपचारिकताएं जल्द पूरी कराने का आश्वासन दिया है।
इससे पहले 9 अगस्त को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्यपाल को पत्र लिखकर हवारा को 10 दिन की पैरोल देने का अनुरोध किया था। पत्र में उन्होंने हवारा की मां की खराब सेहत और मानवीय आधार का हवाला दिया था। हवारा ने भी पैरोल के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया है। उसने CRWP संख्या 3868/2026 दायर कर पैरोल पर रिहाई की मांग की है। मुख्यमंत्री के पत्र के अनुसार, हाईकोर्ट ने भी उसके पैरोल आवेदन पर विचार करने का निर्देश दिया है।