
Jairam Ramesh on Narendra Modi: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने दिवाली पर पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने दिवाली जैसे पवित्र और गैर-राजनीतिक अवसर पर भी अपनी राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी की ‘दिमागी नक्सल’ टिप्पणी पर सवाल उठाए।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पोस्ट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर उन लोगों को 'दिमागी नक्सल' कहा है, जिन्हें वे अपना राजनीतिक विरोधी मानते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने सुरक्षा बलों की वर्दी पहनकर एक गंभीर और गैर-राजनीतिक अवसर को भी राजनीतिक बयानबाजी का मंच बना दिया। यह संस्थागत मर्यादाओं पर खुला हमला है।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि 28 अप्रैल 2024 को पीएम ने जाति जनगणना की मांग करने वालों को 'अर्बन नक्सल' बताया था। हालांकि, बाद में 30 अप्रैल 2025 को सरकार ने घोषणा की कि जनगणना 2027 के तहत जाति जनगणना भी कराई जाएगी।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने किसान आंदोलन और कृषि कानूनों का भी जिक्र किया। उन्होंने सितंबर 2020 में तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों को लेकर प्रधानमंत्री की टिप्पणियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उस समय आंदोलनकारियों पर नक्सली विचारधारा का समर्थन करने के आरोप लगाए गए थे, लेकिन बाद में 19 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री ने उन्हीं तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान कर दिया।
जयराम रमेश ने अपने पोस्ट में प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि पीएम स्पष्ट रूप से परेशान, बेचैन और हताश नजर आ रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि 'झोला उठाकर चल देने का समय तेजी से नजदीक आ रहा है।'
वहीं अपने एक अन्य पोस्ट में कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने नोटबंदी और मौजूदा राजनीतिक हालात की तुलना करते हुए कहा कि नोटबंदी ने अर्थव्यवस्था को तबाह किया, जबकि 'वोटबंदी' देश की राजनीतिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने इन दोनों को प्रधानमंत्री का योगदान बताया।