7 नवंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन का सोनिया गांधी पर निशाना, बोले- बाबरी मस्जिद गिराए जाने के वक्त भी दिखानी चाहिए थी संवेदनशीलता

सोनिया गांधी ने अपनी किताब में बाबरी मस्जिद विध्वंस को याद करते हुए आंखों में आंसू आने का जिक्र किया। इस पर मौलाना साजिद रशीदी ने प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के सामने 2027 यूपी विधानसभा चुनाव से पहले मुस्लिम मुख्यमंत्री, बाबरी मस्जिद पुनर्निर्माण और दोषियों को सजा दिलाने समेत तीन मांगें रखीं।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भारत

•

image

Ashib Khan

•

Updated: 7 Nov 2026, 9:22 PM IST

Sonia Gandhi Babri Masjid demolition tears

सोनिया गांधी (बाएं) और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Photo-IANS)

कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपनी किताब ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव' में 1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद के विध्वंस को लेकर निजी अनुभव शेयर किए है। उन्होंने अपनी किताब में लिखा कि दिसंबर 1992 में जब वह टीवी पर अयोध्या में बाबरी मस्जिद का विध्वंस देख रही थीं तो उनकी आंखों से आंसू निकल आए थे। सोनिया की इस बात पर ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन की प्रतिक्रिया सामने आई है। 

मौलाना साजिद रशीदी ने क्या कहा?

ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि सोनिया गांधी के आंसुओं का हम सम्मान करते हैं, क्योंकि उनके परिवार ने देश के लिए कुर्बानियां दी हैं। हालांकि, बाबरी मस्जिद विध्वंस के समय भी ऐसी ही संवेदनशीलता दिखाई जाती तो इन आंसुओं का महत्व और अधिक होता।

बाबरी मस्जिद का कराया जा सकता था पुनर्निर्माण

मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि बाबरी मस्जिद को 1992 में गिराया गया था। उस समय से लेकर 1996 तक कांग्रेस की सरकार सत्ता में रही। उनके अनुसार, इस दौरान कानूनी प्रक्रिया के जरिए बाबरी मस्जिद का पुनर्निर्माण कराया जा सकता था, यदि सरकार की मंशा होती।

मौलाना रशीदी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 2019 के फैसले में बाबरी मस्जिद का विध्वंस गैरकानूनी माना था। साथ ही, फैसले में इस साजिश में शामिल लोगों को सजा देने की बात भी कही गई थी। राशिदी के मुताबिक, यदि दोषियों को सजा दिलाई जाती तो सोनिया गांधी के आंसुओं का महत्व और बढ़ जाता।

2027 के चुनाव से पहले कांग्रेस के सामने रखीं तीन मांगें

मौलाना साजिद राशिदी ने उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस के सामने तीन मांगें रखी हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को सबसे पहले मुस्लिम मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करना चाहिए।

दूसरी मांग में उन्होंने बाबरी मस्जिद के पुनर्निर्माण की घोषणा करने की बात कही। वहीं, तीसरी मांग में कहा कि कांग्रेस को यह ऐलान करना चाहिए कि यदि 2029 में उसकी सरकार बनती है तो बाबरी मस्जिद विध्वंस की साजिश में शामिल लोगों को सजा दिलाई जाएगी।

राशिदी ने कहा कि कांग्रेस को इन मुद्दों पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए और केवल भावनात्मक बयान देने के बजाय ठोस कदम उठाने चाहिए।