
Parliament Monsoon Session: लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा चल रही है। इस दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हमने दुनिया के सामने पाकिस्तान को बेनकाब किया है। वहीं इस दौरान विपक्ष हंगामा करने लगा तो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुस्सा हो गए। उन्होंने गुस्से में कहा कि क्या दूसरे देश की बात पर ज्यादा भरोसा है? क्या विपक्ष को सत्ता पक्ष की ओर से भाषण में बाधा डालना शोभा देता है?
अमित शाह ने कहा कि मुझे इस बात पर आपत्ति है कि विपक्ष को विदेश मंत्री पर भरोसा नहीं है, बल्कि किसी और देश पर भरोसा है। उन्होंने आगे कहा कि मैं उनकी पार्टी में विदेशी का महत्व समझ सकता हूं। लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि उनकी पार्टी की सभी बातें सदन में थोप दी जाएं। यही कारण है कि वे वहां बैठे हैं और अगले 20 सालों तक वहीं बैठे रहेंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जब उनके नेता बोल रहे थे तो हम धैर्य से उनकी बात सुन रहे थे। मैं आपको कल बताऊंगा कि उन्होंने कितने झूठ बोले हैं। अब वे सच नहीं सुन पा रहे हैं। जब इतने महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा हो रही है और विदेश मंत्री बोल रहे हैं तो क्या अच्छा लग रहा है कि विपक्ष उन्हें परेशान कर रहा है? स्पीकर महोदय, आप उन्हें समझाएं वरना बाद में हम भी अपने सदस्यों को कुछ नहीं समझा पाएंगे।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि पहलगाम हमले के बाद एक स्पष्ट, मजबूत और दृढ़ संदेश देना जरूरी था। हमारी सीमाएं लांघी गई थीं और हमें यह स्पष्ट करना था कि इसके गंभीर परिणाम होंगे। 23 अप्रेल को कैबिनेट सुरक्षा समिति की बैठक हुई।
विदेश मंत्री ने कहा कि कैबिनेट सुरक्षा समिति की बैठक में निर्णय लिया गया कि 1960 की सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाएगा, जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद का समर्थन पूरी तरह और विश्वसनीय रूप से बंद नहीं करता। इसके अलावा, अटारी एकीकृत जांच चौकी को तत्काल बंद किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सार्क वीजा छूट योजना के तहत यात्रा करने वाले पाकिस्तानी नागरिकों को अब यह सुविधा नहीं मिलेगी। पाकिस्तानी उच्चायोग के रक्षा, नौसेना और वायु सलाहकारों को पर्सन ऑफ नॉन ग्रेटा घोषित (अवांछित व्यक्ति) किया जाएगा। उच्चायोग की कुल कर्मचारी संख्या 55 से घटाकर 30 की जाएगी।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संसद में कहा कि भारत की कूटनीति का केंद्र संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद है। उन्होंने लोकसभा में कहा हमारे लिए चुनौती यह थी कि इस समय पाकिस्तान सुरक्षा परिषद का सदस्य है और हम सुरक्षा परिषद में हमारे दो लक्ष्य थे: पहला- सुरक्षा परिषद से जवाबदेही की आवश्यकता पर सहमति प्राप्त करना और दूसरा- इस हमले को अंजाम देने वालों को न्याय के कटघरे में लाना।
विदेश मंत्री ने कहा कि हम अभी मालदीव से वापस आए हैं। परसों प्रधानमंत्री मोदी उनके स्वतंत्रता दिवस पर मुख्य अतिथि थे। यह वही देश है जिसने कांग्रेस के समय में एक भारतीय कंपनी को हवाई अड्डा छोड़ने पर मजबूर किया था, उसी देश ने आज भारत को दो नए हवाई अड्डे बनाने के लिए आमंत्रित किया है।