BRICS Summit Delhi: नई दिल्ली में BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक से एस जयशंकर ने कई देशों के प्रतिनिधियों का स्वागत किया। बैठक में व्यापार, वैश्विक सहयोग और बहुपक्षीय सुधारों जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।
BRICS Foreign Ministers Meeting: नई दिल्ली में गुरुवार को BRICS विदेश मंत्रियों की अहम बैठक शुरू हुई। बैठक से पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत मंडपम में ब्रिक्स के सदस्य और पर्यवेक्षक देशों के विदेश मंत्रियों और प्रतिनिधियों का स्वागत किया। दो दिन तक चलने वाली यह बैठक भारत की BRICS अध्यक्षता के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सबसे पहले जयशंकर ने भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग का स्वागत किया। चीन के विदेश मंत्री वांग यी इस बैठक में शामिल नहीं हो सके। उनकी जगह शू फेइहोंग चीन का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि वांग यी इस समय बीजिंग में हैं, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दौरे को लेकर व्यस्त कार्यक्रम चल रहे हैं।
इसके अलावा जयशंकर ने इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुगियोनो, दक्षिण अफ्रीका के रोनाल्ड लामोला, इथियोपिया के गेदियन तिमोथियोस हेसेबोन, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और UAE के राज्य मंत्री खलीफा शाहीन अल मरार का भी स्वागत किया।
14 और 15 मई को आयोजित हो रही यह बैठक भारत की 2026 BRICS अध्यक्षता की दिशा तय करने वाली मानी जा रही है। भारत ने इस साल 1 जनवरी को BRICS की अध्यक्षता ब्राजील से संभाली थी। इससे पहले भारत 2012, 2016 और 2021 में भी BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर चुका है।
BRICS देशों के बीच इस बैठक में आर्थिक सहयोग, व्यापार, विकास, बहुपक्षीय सुधार और वैश्विक चुनौतियों जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। नई दिल्ली इन दिनों वैश्विक कूटनीति का बड़ा केंद्र बनी हुई है।
बैठक से पहले जयशंकर ने इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुगियोनो के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि दोनों नेताओं ने भारत-इंडोनेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी और ASEAN के साथ सहयोग की प्रगति की समीक्षा की। भारत और इंडोनेशिया ने वर्ष 2018 में व्यापक रणनीतिक साझेदारी स्थापित की थी।
इससे पहले बुधवार को जयशंकर ने रूस, ब्राजील, मालदीव और दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्रियों से भी मुलाकात की। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ बैठक में व्यापार, निवेश, ऊर्जा, कनेक्टिविटी, विज्ञान और प्रौद्योगिकी समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।