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AAP विधायक मलिक को पुलिस ने किया गिरफ्तार, भेजे गए जेल, क्या है आरोप?

पीएसए के तहत जम्मू कश्मीर में यह पहली बार है कि किसी विधायक को गिरफ्तार किया गया है। PSA एक प्रशासनिक कानून है, जिसके तहत कुछ मामलों में बिना आरोप या सुनवाई के 2 साल तक हिरासत में रख सकते हैं।
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Sep 08, 2025
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AAP विधायक मेहराज मलिक को पुलिस ने किया गिरफ्तार (Photo-X)

जम्मू कश्मीर में आम आदमी पार्टी के विधायक मेहराज मलिक को पुलिस ने गिरफ्तार किया। विधायक मलिक पर जन सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत मामला दर्ज किया। उन्हें भद्रवाह जेल में शिफ्ट कर दिया गया है। विधायक मलिक पर आरोप है कि उन्होंने डीएम के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था। इसके बाद डीएम ने मलिक के खिलाफ केस दर्ज कराया था।

PSA के तहत मामला किया दर्ज

विधायक मेहराज मलिक को पुलिस ने उस समय हिरासत में लिया जब वह मीडियाकर्मियों से बात कर रहे थे। पुलिसकर्मियों ने उन्हें जबरन डाक बंगले के अंदर ले गए। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया और बाद में मलिक पर PSA के तहत मामला दर्ज किया गया। 

सज्जाद लोन ने की निंदा

आप विधायक मेहराज मलिक को गिरफ्तार  करने और PSA लगाने की पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और हंदवाड़ा विधायक सज्जाद लोन ने निंदा की। उन्होंने कहा कि हम विधायक मेहराज मलिक के खिलाफ पीएसए के इस्तेमाल की कड़ी निंदा करते हैं। यह एक निष्प्राण लोकतंत्र है। 

‘लोगों की इच्छा को दरकिनार किया जा रहा’

विधायक सज्जाद लोन ने सरकार पर जम्मू कश्मीर के लोगों की इच्छा को दरकिनार करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर किसी निर्वाचित प्रतिनिधि को अपनी भावनाएं व्यक्त करने का अधिकार ही नहीं दिया जाता, तो चुनाव कराने का क्या मतलब है? उन्होंने कहा कि चुनाव होने के बावजूद जनादेश अभी भी शक्तिहीन बना हुआ है।

PSA के तहत पहली गिरफ्तारी

बता दें कि पीएसए के तहत जम्मू कश्मीर में यह पहली बार है कि किसी विधायक को गिरफ्तार किया गया है। PSA एक प्रशासनिक कानून है, जिसके तहत कुछ मामलों में बिना आरोप या सुनवाई के 2 साल तक हिरासत में रख सकते हैं। 

डोडा से जीता विधानसभा चुनाव

AAP नेता मेहराज मलिक ने जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव में डोडा से जीत दर्ज की थी। मलिक ने बीजेपी के गजय सिंह राणा को 4538 वोटों से हराया था। बता दें कि मेहराज मलिक ने सरकार गठन के समय उमर अब्दुल्ला का समर्थन किया था। हालांकि इस साल जून में उन्होंने अब्दुल्ला सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया और विपक्ष में बैठने का फैसला किया।

Updated on:
08 Sept 2025 07:17 pm
Published on:
08 Sept 2025 07:17 pm