
जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को श्रीनगर में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। वहीं, लश्कर-ए-तैयबा के सक्रिय आतंकवादी आबिद रमजान शेख के माता-पिता ने शोपियां के छोटीपोरा स्थित अपने घर पर तिरंगा फहराया। सीएम उमर ने एलओसी के पार के हालातों पर चिंता जताई।
सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर (PoJK) में हुए घटनाक्रम से उन्हें एहसास हुआ कि 80 साल पहले जिन नेताओं ने फैसले लिए थे, वे सही थे। उन्होंने कहा कि लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पार के हालात "दर्द, अफसोस और गहरी परेशानी" लाते हैं।
उन्होंने कहा, "जब मैं आज बॉर्डर और लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पार उनके मौजूदा हालात को देखता हूं, तो मुझे एहसास होता है कि 80 साल पहले हमारे नेताओं ने हमारे लिए जो फैसला लिया था, वह वाकई सही था। जिन्होंने 'हमलावर खबरदार' का नारा लगाया था, वे सही थे और उन्होंने जो कुर्बानी दी, वह पूरी तरह से सही थी।"
सीएम उमर ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के उस हिस्से में रहने वाले लोग उनके अपने हैं और उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा में उनके लिए सीटें रिजर्व की गई हैं। उन्होंने डेमोक्रेसी और फेडरलिज्म के महत्व पर भी जोर दिया और कहा कि डेमोक्रेसी की रक्षा करना और हर हाल में उसे मजबूत करना देश की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आज जम्मू-कश्मीर से एक खास तस्वीर भी सामने आई है। लश्कर-ए-तैयबा के सक्रिय आतंकवादी आबिद रमजान शेख के माता-पिता ने शोपियां के छोटीपोरा स्थित अपने घर पर तिरंगा फहराया। छोटीपोरा इलाके में एक आतंकी के परिवार ने अपने घर पर शान से तिरंगा फहराया है। माता-पिता के चेहरे पर देश के लिए गर्व और स्वाभिमान की झलक साफ नजर आई है।
आबिद रमजान शेख लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर है और उसके निर्देश पर कई बड़ी आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया गया है। उसके खिलाफ साल 2022 में जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवान की हत्या में शामिल होने के आरोप लगे थे। पुलिस के अनुसार, इस अपराध को आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने अंजाम दिया था और आबिद रमजान शेख के निर्देश पर ही यह हमला किया गया था।