जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों की मुठभेड़ में तीन जवान घायल। ऑपरेशन त्रशी-1 के तहत आतंकियों को पकड़ने और निष्क्रिय करने के लिए बड़े पैमाने पर सर्च अभियान जारी है।
Jammu-Kishtwar encounter: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के दूरदराज जंगल में सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हो गई, जिसमें 8 भारतीय जवान घायल हो गए। यह मुठभेड़ रविवार दोपहर को छत्रू के उत्तर-पूर्व में स्थित सोनार इलाके में हुई। रिपोर्ट के अनुसार, इस ऑपरेशन का कोडनेम “ऑपरेशन त्रशी-1” रखा गया है, जिसे व्हाइट नाइट कॉर्प्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस के समन्वय में चलाया जा रहा है। व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर बताया कि आतंकियों से मुठभेड़ एक सुनियोजित तलाशी अभियान के दौरान हुई, जो चल रहे संयुक्त आतंकवाद-रोधी अभ्यास का हिस्सा था।
सेना ने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और चुनौतीपूर्ण हालात में आतंकियों की फायरिंग का सामना करते हुए जवानों ने पेशेवर रवैया अपनाया। सेना ने बताया कि ऑपरेशन अभी भी जारी है और मजबूत घेराबंदी के लिए अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं, जिन्हें नागरिक प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों का समर्थन प्राप्त है।
अधिकारियों ने बताया कि सर्च टीम को दो से तीन आतंकवादियों के समूह का सामना करना पड़ा, जो पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े होने का संदेह है। जवानों को देखते ही आतंकवादियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी और ग्रेनेड फेंककर घेराबंदी तोड़ने की कोशिश की। इसके बाद सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई की। सेना, CRPF और पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की गई, और आतंकवादियों के साथ कुछ समय तक बारी-बारी से फायरिंग जारी रही।
मुठभेड़ में 8 जवान घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। आतंकवादियों को पकड़ने और निष्क्रिय करने के लिए बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है, जिसमें ऑपरेशन को तेज़ करने के लिए ड्रोन, उन्नत निगरानी उपकरण और स्निफर कुत्तों का उपयोग किया जा रहा है।
जम्मू क्षेत्र में यह इस साल आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई तीसरी मुठभेड़ है। इससे पहले 7 और 13 जनवरी को कठुआ जिले के बिलावर इलाके के काहोग और नजोटे जंगलों में मुठभेड़ हुई थी। गणतंत्र दिवस से पहले इस क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी किया गया है। पाकिस्तान की तरफ से आतंकियों की गतिविधियों की खुफिया सूचना मिलने के मद्देनजर सुरक्षा अभियान को और तेज कर दिया गया है।