
Jamui Minor Girl Case: जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बिहार के जमुई ज़िले में एक नाबालिग छात्रा के साथ हुई छेड़छाड़ और मारपीट की घटना को लेकर NDA और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) दोनों पर निशाना साधा है। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के बयान पर तंज कसते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि तेजस्वी का अपराध पर बोलना वैसा ही है जैसे किसी शेर का शाकाहारी होने का दावा करना। उन्होंने बिहार में बढ़ते अपराधों को लेकर NDA सरकार पर भी हमला बोला और कहा कि सिर्फ़ 'गमछे' का रंग बदलने से अपराधियों का चाल-चलन नहीं बदलता।
प्रशांत किशोर ने कहा, "तेजस्वी यादव का अपराध पर बोलना वैसा ही है जैसे कोई शेर शाकाहारी होने का दावा करे। तेजस्वी यादव अपराध के बारे में क्या कह सकते हैं? इन्हीं लोगों द्वारा किए गए अपराधों के डर से ही जनता ने भाजपा और जदयू यानि एनडीए को वोट दिया था। वोट विकास के नाम पर नहीं पड़े थे, लोगों ने NDA को इसलिए चुना क्योंकि उन्हें RJD का डर था।"
प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि दुख की बात यह है कि जिस अपराध और जंगलराज के डर से जनता ने एनडीए को वोट दिया, आज उस व्यवस्था में भी वही लोग बैठे हैं। जो लोग तेजस्वी यादव और उनके पिता के कार्यकाल के दौरान उनके साथ थे, उनमें सम्राट चौधरी और उनके जैसे अन्य लोग शामिल थे।
प्रशांत किशोर नें कहा, "हम जनता को यह समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि किसी व्यक्ति का चरित्र सिर्फ़ उसके गमछे का रंग बदलने से नहीं बदलता। पहले हरे गमछे में जुर्म होता था, अब भगवा ओढ़कर गुंडागर्दी की जा रही है।"
मोरल पुलिसिंग के नाम पर हुई इस छेड़खानी पर प्रशांत किशोर ने कहा कि खुद को कानून का रखवाला समझने वाले लोगों ने बच्ची के साथ घिनौनी हरकत की और उसका वीडियो बनाकर खुद ही सोशल मीडिया पर जारी कर दिया। उन्होंने कहा कि घटना तीन-चार दिन पहले की है, लेकिन स्थानीय पुलिस-प्रशासन को इसकी कानों-कान खबर तक नहीं थी।
प्रशांत किशोर ने सवाल उठाया कि अगर दोषियों ने खुद इस घटना का वीडियो न बनाया होता और उसे वायरल न किया होता, तो न तो समाज और न ही सरकार को इसके बारे में कभी पता चलता। ADG (कानून-व्यवस्था) ने कहा है कि वीडियो फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। लेकिन अगर वीडियो सामने न आता, तो अपराध का पता कैसे चलता? क्या सिर्फ वीडियो शेयर करने वालों को गिरफ्तार किया जाता, न कि असली दोषियों को?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार के मौजूदा हालात को देखते हुए 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' की जगह नया नारा होना चाहिए 'अपनी बेटी को खुद पढ़ाओ और अपनी बेटी की रक्षा भी खुद करो' क्योंकि सरकार कुछ नहीं करने वाली है। उन्होंने बताया कि पिछले छह महीनों में ऐसी कम से कम 20 घटनाएं सामने आई हैं।
अपराध रोकने के लिए पुलिस एनकाउंटर किए जाने को लेकर प्रशांत किशोर ने कहा कि एनकाउंटर चाहे अपराधी करे या पुलिस अधिकारी, वह गैरकानूनी और असंवैधानिक है। उन्होंने कहा कि बिहार में अपराध रोकने का एकमात्र तरीका यह है कि पुलिस को शराब और बालू की दलाली से पूरी तरह दूर किया जाए। अगर स्टेशन हाउस ऑफ़िसर (SHO) और पुलिसकर्मी अपना समय शराब और बाली माफिया के साथ मिलकर पैसे वसूलने में बिताएंगे, तो समाज में कानून का डर कैसे बना रहेगा?
प्रशांत किशोर ने बताया कि मधुबनी में रोशन यादव की हत्या शराब माफ़िया से जुड़ी थी, बंटी यादव की हत्या भी शराब से जुड़ी थी और जमुई की घटना में शामिल युवक भी बालू माफिया से जुड़े बताए जा रहे हैं। जब तक पुलिस इस अवैध धंधे में लिप्त रहेगी, तब तक सड़कों पर हथियार लहराने वाले बेखौफ घूमते रहेंगे।