अंडमान में मयाबंदर जा रहा हेलीकॉप्टर तकनीकी खराबी के कारण समुद्र में क्रैश हो गया। सातों यात्रियों और क्रू मेंबर्स को सुरक्षित रेस्क्यू कर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे की जांच शुरू हो गई है।
झारखंड के चतरा जिले में सोमवार रात हुए एक दर्दनाक हादसे से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। इस हादसे में एक एयर एम्बुलेंस क्रैश हो गया और उसमें सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। इस हादसे के घाव अभी भरे भी नहीं थे कि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह से एक और विमान हादसे की खबर सामने आ गई है। यहां मंगलवार सुबह सात लोगों को ले जा रहा एक हेलीकॉप्टर समुद्र में क्रैश हो गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में हेलीकॉप्टर में सवार सभी 7 लोग (यात्री और क्रू मेंबर्स) सुरक्षित बच गए और उन्हें समय पर रेस्क्यू कर लिया गया।
पवन हंस लिमिटेड के इस हेलीकॉप्टर ने सुबह करीब 8.45 बजे श्री विजय पुरम से मयाबंदर के लिए टेक ऑफ किया था। इसके कुछ ही देर बाद लगभग 9.30 बजे यह हेलीकॉप्टर समुद्र में क्रैश कर गया था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह हादसा हेलीकॉप्टर में अचानक आई तकनीकी खराबी के चलते हुआ था। हेलीकॉप्टर में दो क्रू मेंबर और पांच यात्री सवार थे, जिनमें एक बच्चा भी शामिल था। घटना की सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया और सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
वरिष्ठ नागरिक उड्डयन अधिकारी के अनुसार, पायलट ने स्थिति को भांपते हुए समुद्र में क्रैश लैंडिंग करने का फैसला लिया। पायलट की सूझबूझ और प्रशिक्षण के कारण बड़ा हादसा टल गया और सभी लोग सुरक्षित बचा लिए गए। रेस्क्यू किए गए सभी यात्रियों और क्रू सदस्यों को तुरंत स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों ने बताया कि सभी की हालत स्थिर है और उन्हें निगरानी में रखा गया है। मेडिकल टीम उनकी स्वास्थ्य जांच कर रही है ताकि किसी भी आंतरिक चोट या अन्य समस्या का पता लगाया जा सके।
घटना के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MOCA) के दिशा निर्देशों के तहत पूरी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि ब्लैक बॉक्स और तकनीकी रिकॉर्ड की जांच की जाएगी। साथ ही संबंधित हेलीकॉप्टर के मेंटेनेंस रिकॉर्ड की भी समीक्षा होगी। हेलीकॉप्टर की निर्माता कंपनी पवन हंस लिमिटेड देश की प्रमुख हेलिकॉप्टर सेवा प्रदाता कंपनी है, जिसका मुख्यालय नोएडा में स्थित है। यह कंपनी दूरदराज और दुर्गम इलाकों, खासकर अंडमान निकोबार, पहाड़ी क्षेत्रों और ऑफशोर इंस्टॉलेशन में अहम हवाई कनेक्टिविटी उपलब्ध कराती है।