Jharkhand Political Crisis: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज राज्यपाल रमेश बैस से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान सीएम ने राज्यपाल से विधानसभा सदस्यता के संबंध में निर्वाचन आयोग से प्राप्त सिफारिश वाले पत्र के कॉपी की मांग की।
Jharkhand Political Crisis: झारखंड में बीते तीन सप्ताह से जारी सियासी सस्पेंस के बीच आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्यपाल रमेश बैस से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान सीएम सोरेन ने राज्यपाल से उनकी विधानसभा सदस्यता पर चल रही भ्रम की स्थिति को दूर करने की आग्रह की। सीएम ने राज्यपाल से कहा कि राज्य में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। ऐसे में राज्य का संवैधानिक प्रमुख होने के नाते लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए वह उचित कदम उठायें। राज्यपाल से मुख्यमंत्री की मुलाकात करीब 40 मिनट तक चली।
इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री सोरेन ने राज्यपाल को एक पत्र भी सौंपा है। पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा है कि उनकी विधानसभा सदस्यता को लेकर भारत के निर्वाचन आयोग का जो मंतव्य प्राप्त हुआ है, उसकी कॉपी उन्हें उपलब्ध कराई जाये और इस मामले में जल्द से जल्द सुनवाई की जाये। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्वीट कर इस मुलाकात की जानकारी दी है।
हेमंत सोरेन ने ट्वीट किया, "आज राजभवन में माननीय राजपाल श्री रमेश बैस जी से मुलाकात कर राज्य में विगत तीन सप्ताह से अधिक समय से उत्पन्न अनापेक्षित और दुर्भाग्यपूर्ण परिस्थितियों की अनिश्चितता को दूर करने हेतु पत्र सौंपा जिससे इस भ्रम की स्थिति में भाजपा द्वारा किये जा रहे अनैतिक प्रयास से उसे रोका जा सके।" सीएम ने राज्यपाल से आग्रह कियाकि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए घातक अनिश्चितता का वातावरण दूर करने के लिए इस मामले में शीघ्र सुनवाई करें।
सीएम ने कहा कि बीते 25 अगस्त से भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और राजभवन के कथित सूत्रों के हवाले से यह खबर मीडिया में चल रही है कि मुझे विधानसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया है। इस मामले में भ्रम दूर करने की मांग को लेकर विगत एक सितंबर को यूपीए के शिष्टमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात की थी और उन्हें आवेदन सौंपा था। इस मामले में अब तक स्टैंड साफ नहीं हो पाया है।
मुख्यमंत्री ने राज्यपाल से कहा है कि राज्य का संवैधानिक प्रमुख होने के नाते उनसे संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए महती भूमिका निभाने की अपेक्षा की जाती है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भा मेरी सरकार को विधानसभा में लगभग दो तिहाई सदस्यों का समर्थन प्राप्त है। विगत 5 सितंबर को उनकी सरकार ने विधानसभा के पटल पर अपना अपार बहुमत साबित किया है। विधायकों ने उनके नेतृत्व के प्रति पूर्ण निष्ठा और विश्वास व्यक्त किया है।