झारखंड के हजारीबाग में सुरक्षा बलों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार माओवादी ढेर कर दिए। मुठभेड़ में टॉप कमांडर साहदेव महतो, महिला माओवादी नताशा और दो एरिया कमांडर मारे गए। CRPF और स्थानीय पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में माओवादियों के पास से अत्याधुनिक हथियार बरामद किए गए।
झारखंड लंबे समय से लेफ्ट विंग चरमपंथ की चुनौती से जूझता रहा है, जहां सुरक्षा बल लगातार अभियान चला रहे हैं। हाल के महीनों में माओवादियों के खिलाफ ऑपरेशन तेज किए गए हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को हजारीबाग जिले के खापिया जंगल क्षेत्र में एक बड़ी सफलता मिली, जहां सुरक्षा बलों ने चार कट्टर माओवादियों को मुठभेड़ में मार गिराया, जिनमें सीनियर कमांडर साहदेव महतो भी शामिल था।
यह ऑपरेशन CRPF की 209 कोबरा बटालियन और स्थानीय पुलिस के संयुक्त प्रयास से अंजाम दिया गया। सुरक्षा एजेंसियों को पहले से सूचना मिली थी कि साहदेव महतो उर्फ अनुज अपने दस्ते के साथ इलाके में मौजूद है। इसके आधार पर एक सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। जैसे ही जवान आगे बढ़े, माओवादी समूह ने दोपहर करीब 2 बजे फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद दोनों तरफ से गोलीबारी हुई। लगभग आधे घंटे चली मुठभेड़ में चारों माओवादी मारे गए।
मारे गए लोगों में साहदेव महतो उर्फ अनुज सबसे बड़ा नाम था, जो क्षेत्रीय समिति सदस्य के रूप में सक्रिय था और कई बड़ी घटनाओं में शामिल रहा था। वह साल 2011 के चाईबासा जेलब्रेक के दौरान पुलिस हिरासत से फरार हो गया था। उसके साथ उसकी पत्नी नताशा, जो विशेष जोनल समिति की सदस्य थी, वो भी इस मुठभेड में मारी गई। इसके अलावा बुधन करमाली और रंजीत गंझू, दोनों एरिया कमांडर स्तर के सक्रिय माओवादी थे। इन चारों की मौत को संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके की सर्चिंग की, जिसमें अत्याधुनिक हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ। अधिकारियों के अनुसार यह बरामदगी माओवादियों की भविष्य की गतिविधियों को कमजोर करने में अहम भूमिका निभाएगी। हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने बताया कि पूरा ऑपरेशन केरेडारी ब्लॉक के खापिया जंगल क्षेत्र में हुआ और सभी माओवादी मारे गए। CRPF के एक जवान ने बताया, "मौके से दो AK-सीरीज राइफलें, एक Colt AR-15 और एक INSAS राइफल बरामद की गई हैं।"