झारखंड सरकार ने एक सितंबर 2022 से राज्य में पुरानी पेंशन योजना बहाल करने पर सहमति प्रदान की है। 1 सितंबर को सीएम हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई बैठक में इसको लेकर फैसला किया गया। एक सितंबर से राज्य सरकार के कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिलेगा।
झारखंड में एक तरफ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की कुर्सी पर खतरा मंडराता नजर आ रहा है, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने गुरुवार को कैबिनेट की बैठक बुलाई। इस दौरान उन्होंने 25 प्रस्तावों को मंजूरी दी, साथ ही उन्होंने बैठक में सरकारी कर्मचारियों के लिए एक सितंबर 2022 की तारीख से पुरानी पेंशन योजना लागू करने का बड़ा फैसला भी किया। पुरानी पेंशन योजना एक अप्रैल 2004 को बंद कर दी गई थी और इसकी जगह पर राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) लागू कर दी गई थी। कैबिनेट सचिवालय विभाग में प्रधान सचिव वंदना दादेल ने बताया कि 15 जुलाई को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में पुरानी पेंशन योजना को लागू करने और नई पेंशन योजना को बंद करने का फैसला लिया गया था।
झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा इस प्रस्ताव को पारित किए जाने के बाद सैकड़ों सरकारी कर्मचारियों ने राज्य सचिवालय में जमा होकर जश्न मनाया। सरकारी कर्मचारी संघ के सदस्यों ने सीएम हेमंत सोरेन और मंत्रिमंडल के अन्य सदस्यों का माला पहनाकर स्वागत किया। वहीं, एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर बधाइयां दी गई। खुशी में मिठाइयां बांटी गई। राज्य सरकार के फैसले से सभी कर्मचारी खुश नजर आये। जश्न की कुछ तस्वीरें शेयर करते हुए सीएम सोरेन ने ट्वीट किया है, उन्होंने केप्शन में लिखा, "एक और वादा पूरा हुआ। झारखण्ड राज्य में सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन हुई लागू।"
पुरानी पेंशन योजना के तहत पेंशन की पूरी राशि सरकार देती है। एनपीएस में कर्मचारी अपने वेतन का 10 फीसदी पेंशन में योगदान करते हैं जबकि राज्य सरकार 14 फीसदी योगदान करती है। पुरानी पेंशन योजना के लागू होने से झारखंड सरकार के करीब डेढ़ लाख कर्मचारियों को फायदा होगा। कैबिनेट सचिवालय विभाग में प्रधान सचिव वंदना दादेल के अनुसार, "इस संबंध में फैसला लिया गया कि योजना को पूरा करने के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर (SOP) बनाया जाएगा। इस SOP को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है। योजना को एक सितंबर से प्रभावी माना जाएगा।"
बता दें, जिस तरह से झारखंड में राजनीतिक अनिश्चितता का माहौल है, उसे देख कर आने वाले समय में बड़े उलटफेर की भी संभावना जताई जा रही है। झारखंड कैबिनेट ने आगामी 5 सितंबर को विधानसभा की विशेष बैठक बुलाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। कैबिनेट ने यह 'विशेष बैठक' विधानसभा के मॉनसून सत्र के तहत आयोजित करने की स्वीकृति दी है।
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