
Sudivya Kumar Sonu: झारखंड की राजनीति से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। राज्य सरकार में नगर विकास मंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के वरिष्ठ नेता सुदिव्य कुमार सोनू का अचानक दिल का दौरा पड़ने (हार्ट अटैक) से निधन हो गया है। रविवार की सुबह अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी, जिसके तुरंत बाद उन्हें पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, डॉक्टरों की काफी कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके अचानक निधन की खबर मिलते ही पूरे राज्य और सियासी गलियारों में शोक छा गया है।
सुदिव्य कुमार सोनू को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का सबसे भरोसेमंद साथी माना जाता था। सरकार चलाने से लेकर पार्टी के बड़े फैसले लेने तक में उनकी अहम भूमिका होती थी। हाल ही में जब छात्रों का आंदोलन हुआ था, तब भी उन्होंने ही आगे आकर छात्रों से बात की थी और मामला शांत कराया था। यही वजह है कि उन्हें सरकार में मुख्यमंत्री के बाद सबसे मजबूत नेता माना जाता था। ऐसे में उनका जाना मुख्यमंत्री सोरेन के लिए एक बड़ा व्यक्तिगत और राजनीतिक झटका है।
सुदिव्य कुमार सोनू की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र से लगातार दूसरी बार विधायक चुने गए थे। चुनाव में तमाम चुनौतियों का सामना करते हुए उन्होंने अपनी जनसेवा और मजबूत पकड़ के दम पर दोबारा जीत दर्ज की थी।
मुख्यमंत्री सोरेन को सुदिव्य कुमार की कार्यशैली पर अटूट विश्वास था, यही वजह थी कि उन्हें सरकार के कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की कमान सौंपी गई थी। वे इन विभागों का कार्यभार संभाल रहे थे- नगर विकास विभाग, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग और पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग।
सुदिव्य कुमार के निधन पर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने आधिकारिक बयान जारी कर गहरा शोक व्यक्त किया है। पार्टी की ओर से कहा गया कि जीवन की अनिश्चितता ने एक बार फिर सभी को गहरे दुख में ढकेल दिया है। सुदिव्य कुमार सोनू जी का जाना झामुमो परिवार, राज्य सरकार और पूरे झारखंड के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनके संघर्ष, जनसेवा और अमूल्य योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति दें और परिजनों को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
निधन की खबर मिलते ही उनके आवास पर समर्थकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और चाहने वालों की भारी भीड़ जुटने लगी है। प्रदेश के तमाम छोटे-बड़े नेता उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।